आदि कैलाश का विहंगम दृश्य। संवाद
पिथौरागढ़। कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र में आई आपदा ने इस बार आदि कैलाश यात्रा पर भी प्रभाव डाला है। दूसरे चरण की यात्रा के शुरू होने के 15 दिन बाद भी सिर्फ 1200 के करीब यात्री आदि कैलाश पहुंचे हैं। केएमवीएन के मुताबिक, अब तक गुजरात, बंगाल और दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों के 90 से अधिक यात्रियों ने बुकिंग रद्द कराई है।
यात्रा के नोडल अधिकारी और पर्यटक आवास गृह धारचूला के प्रभारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि दूसरे चरण में आदि कैलाश यात्रा का शुभारंभ 17 सितंबर को हुआ था। उन्होंने कहा कि आपदा और मौसम की अनिश्चितता का हवाला देकर यात्री बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले देहरादून के सहस्त्रधारा, माल देवता, टपकेश्वर आदि स्थानों पर प्राकृतिक आपदा से काफी नुकसान हुआ था। आपदा के खौफ के कारण यात्री आदि कैलाश आने से भी बच रहे हैं। उन्होंने मौसम अनुकूल पर यात्रियों के बढ़ने की उम्मीद जताई है।
मानसरोवर में दिलचस्पी ने भी घटाई आदि कैलाश यात्रियों की संख्या
धन सिंह ने बताया कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा का असर भी आदि कैलाश यात्रा पर पड़ा है। भारत और नेपाल के रास्ते भी कैलाश मानसरोवर यात्रा कराई जा रही है। इस बार करीब 40000 यात्री भारत और नेपाल के रास्ते मानसरोवर दर्शन के लिए पहुंचे। यात्री मानसरोवर यात्रा में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसका असर आदि कैलाश यात्रा पर भी पड़ा है।
पहले चरण में 25,000 यात्री पहुंचे आदि कैलाश
नोडल अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष पहले चरण में 25,000 यात्री आदि कैलाश पहुंचे थे। दूसरे चरण की यात्रा में इनकी संख्या काफी घटी है। 31 अक्तूबर तक यात्रा चलेगी। इसके बाद आदि कैलाश और इसके आसपास बर्फबारी के चलते यात्रा रोक दी जाएगी।