पुलिस लाइन रोड पर बीएसएनएल कार्यालय के पास चोक नाली से गुजरती पेयजल लाइनें। संवाद
पिथौरागढ़। नगर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था बदहाल है। चोक नालियां और इनमें बिछी लीकेज पेयजल लाइन लोगों को बीमार कर रही हैं। लीकेज लाइनों से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है इससे लोग बीमार होने लगे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीलिया और टॉयफाइड के मरीजों में उछाल आया है।
नगर के अधिकांश हिस्सों में पेयजल लाइन नालियों से होकर गुजर रही हैं जो जगह-जगह लीकेज हैं। नालियां चोक होने से जगह-जगह इनमें गंदा पानी जमा है। सिमलगैर, पुराना बाजार, सिल्थाम, तिलढुकरी सहित नगर के अन्य हिस्सों में नालियां चोक हैं और इनमें जमा गंदे पानी में पेयजल लाइन डूबी हैं। इन्हीं लीकेज लाइनों से गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंचकर उन्हें बीमार करने लगा है। जिला अस्पताल से मिले आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। गर्मी बढ़ते ही अस्पताल में पीलिया, टॉयफाइड के मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, रोजाना 40 से अधिक मरीज इन बीमारी से जूझते हुए इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। यह हाल तब है जब नगर निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण में पुरस्कार मिल चुका है। इसके बाद भी नालियों की सफाई न होना नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
नालियों में जमा पानी में पनप रहे हैं मच्छर
नगर के विभिन्न हिस्सों में नालियां चोक होने से इनमें गंदा पानी जमा है। ऐसे में नालियों में मच्छर पनपने लगे हैं। वहीं लंबे समय से जमा गंदे पानी से संक्रामक बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। फिलहाल जिले में मलेरिया के मामले नहीं हैं। यदि चोक नालियों में मलेरिया के मच्छर पनपे तो इससे लोगों की दिक्कत बढ़ सकती है।
कोट
नालियों की समय-समय पर सफाई होती है। नालियों में बिछी पेयजल लाइनों को व्यवस्थित करने की योजना स्वीकृत हुई है। नगर निगम स्वच्छता के लिए गंभीर है। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़