मुनस्यारी। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में पांच दिन बाद डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति सुचारू हुई। एकमात्र पंप से ईंधन मिलने पर यहां फंसे पर्यटक बाहर निकल सके। वहीं स्थानीय वाहन चालकों ने भी राहत की सांस ली।
दरअसल, मुनस्यारी में संचालित एकमात्र पंप में ईंधन खत्म हो गया था। वाहनों में ईंधन खत्म होने से कई पर्यटक यहां फंस गए थे। वहीं ईंधन न मिलने से वाहनों के पहिए थमने से स्थानीय वाहन चालक भी परेशान थे। आखिरकार कंपनी ने पंप में ईंधन की आपूर्ति कर सभी को राहत पहुंचाई है। डीजल-पेट्रोल मिलने से पर्यटक अपने वाहनों के साथ लौटे हैं। पंप संचालक दर्पण कुमार ने बताया कि कंपनी ने लिमिट बंद करने के साथ ही ईंधन देने से मना कर दिया था। ऐसे में दिक्कत आई। कंपनी को एडवांस धनराशि का भुगतान कर ईंधन
मंगाया गया है। वहीं खाद्य निरीक्षक दीपक चंद ने बताया कि पंप में छह हजार लीटर डीजल और चार हजार लीटर पेट्रोल की आपूर्ति होने से सभी में राहत है। संवाद
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बर्फबारी के बाद पहुंचे पर्यटक, होटलों में खाना बनाने के लिए रसोई गैस नहीं
मुनस्यारी। एकमात्र पंप में ईंधन पहुंचने से राहत मिली है तो रसोई गैस का संकट अब भी दूर नहीं हो सका है। मुनस्यारी में छह दिन से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हुई है इससे होटल कारोबारियों के साथ ही आम उपभोक्ता परेशान हैं। बर्फबारी के बाद मुनस्यारी में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है लेकिन होटल कारोबारियों के पास खाना पकाने के लिए रसोई गैस नहीं है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन पांडे ने बताया कि रसोई गैस नहीं मिली तो कारोबार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। संवाद