चंपावत। जिले के विभिन्न गांवों में आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल के लिए तरस रहें हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों में वोट देने का जो जुनून है, वह काबिलेतारीफ है। लोगों को कहना है कि उन्होंने आज तक गांव में किसी भी पार्टी के सांसद को नहीं देखा। बस राष्ट्रीय पार्टियों के नाम पर वोट करने की जो परंपरा है वह जारी है।
दो दशक से अधिक समय से अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस व बीजेपी का ही बोलबाला रहा है। कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा के प्रत्याशी ने बाजी मारी है। गांवों में आज भी लोग राष्ट्रीय पार्टियों के नाम पर वोट करते हैं। लोगों को अन्य पार्टियों के नाम तक पता नहीं है। किसी पार्टी का कोई नेता किसी गांव में पहुंच गया तो ठीक, नहीं तो पार्टी के नाम पर वोट देने की परंपरा तो है ही।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कितने प्रत्याशी मैदान में हैं, इस बात की भी खबर नहीं रहती। एक दशक पहले तक गांवों में भी खूब प्रचार प्रसार का दौर देखने को मिलता था लेकिन आज वह दौर थम गया है। चुनावों के दौरान जो चहल-पहल गांवों में देखने को मिलती थी, वह भी सिमटकर रह गई है।
कोट
क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान खटोली पहुंचे सांसद ने सड़क सुविधा से सभी गांवों को जोड़ने का वादा किया था, लेकिन आज भी वादा पूरा नहीं हो पाया है। गांव के लोग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। - मनीम राम, ग्राम प्रधान, खटोली।
सांसद की ओर से खटोली क्षेत्र के सभी गांवों को जोड़ने का वादा किया था, लेकिन वो वादा आज तक पूरा नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी जताई है। - विनोद सिंह, ग्रामीण।