तापमान बढ़तेे ही क्षेत्र के कई जंगलों में आग धधकने लगी है। डीडीहाट तहसील में पमस्यारी के जंगल में शुक्रवार की रात से आग लगी है। आग ने ठंडीगाड़ और मल्लादूनी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। वन पंचायत सरपंच गोविंद सिंह और राज्य आंदोलनकारी जोधसिंह बोरा ने वन विभाग के अधिकारियों को जंगल में आग लगने की जानकारी देते हुए बताया कि छोटे पौधों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
उधर, सीराकोट मंदिर के निचले इलाके में भी आग लगने से नए पौधों को खासा नुकसान पहुंचा है। पमतोड़ी, लालघाटी और सानदेव के जंगल भी आग की चपेट में आ गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी डीके राय ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए दो टीमों को रवाना कर दिया है। एक टीम फायर लाइन तैयार करेगी और दूसरी टीम आग बुझाने का प्रयास करेगी।
अस्कोट में घनधुरा के जंगल में शनिवार को दोपहर बाद आग लग गई। आग तेजी से फैल रही है। वन क्षेत्राधिकारी केआर टम्टा ने बताया कि वन दरोगा एमएम भट्ट के नेतृत्व में एक टीम को रवाना कर दिया है। चीड़ के पेड़ों की बहुलता वाले जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। वन विभाग ने इस बार आग पर काबू पाने के लिए 60 क्रू स्टेशन बनाए हैं। हर स्टेशन में पांच कर्मचारी तैनात किए हैं। पिछले दिनों लगातार हो रही बारिश के समय निश्चिंत बैठे वन विभाग के अधिकारियों के लिए अब जंगल की आग चुनौती खड़ी कर रही है।