गलाती-धारचूला पेयजल लाइन की मरम्मत शनिवार को भी नहीं हो पाई। छह दिनों से इस योजना में पेयजल सप्लाई पूरी तरह ठप है। नगर में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। उपभोक्ताओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि पेयजल लाइन की मरम्मत छह दिन में नहीं होना गंभीर लापरवाही है। चेतावनी दी है कि अब पेयजल को लेकर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
इस बीच नगर में पेयजल के गंभीर संकट को देखते हुए एसडीएम एसके पांडे ने जल संस्थान और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की बैठक बुलाई। पेयजल लाइन पीएमजीएसवाई की रोड कटिंग के दौरान टूटी है। एसडीएम ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से कहा है कि टूटी हुई लाइन की मरम्मत के लिए अपने स्तर से प्रयास करें। वहीं जल संस्थान के अधिकारियों से कहा है कि नगर में गंभीर संकट को देखते हुए तब तक टैंकरों की संख्या बढ़ाएं जब तक पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं हो जाती।
इस समय तीन टैंकरों से पानी का वितरण किया जा रहा है लेकिन हर मोहल्ले तक पानी पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है। लोग घंटों टैंकर के इंतजार में खाली बर्तन लेकर बैठने को मजबूर हैं। बताया गया है कि सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे से पेयजल लाइन का बड़ा हिस्सा टूट गया है। यदि नई पाइप पहुंच भी जाती है तो लाइन को जोड़ने में कम से कम तीन दिन का समय लग सकता है। इस हाहाकार के बीच लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
बेड़ीनाग में अभी नहीं सुधरी स्थिति
मई में अच्छी बारिश होने के बाद भी बेड़ीनाग में पेयजल सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है। जल संस्थान को अभी भी पानी के वितरण के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्रोतों का स्तर न बढ़ने से योजनाओं में पानी नहीं आ रहा है। गोरघटियां पंपिंग योजना अक्सर बिजली संकट के चलते ठप रहती है। नगर के कई इलाके ऐसे हैं जहां पर छह दिन बाद नलों में पानी आ रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने कहा कि अभी पेयजल सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है। कुछ दिनों तक टैंकरों से ही पानी का वितरण किया जाएगा।