धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला-लिपुलेख सड़क पर एलधारा के पास सुरक्षात्मक कार्य के दौरान 15 दिन तक वाहनों का संचालन 11 घंटे नहीं हो सकेगा। वाहनों के आवागमन के लिए प्रशासन ने समय निर्धारित कर दिया है। इससे इस सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को इस अवधि में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
धारचूला तहसील के एलधारा में कुछ समय पहले भूस्खलन हो गया था। यहां पर पहाड़ी से बोल्डर लगातार गिरने के कारण आवाजाही खतरनाक हो रही थी। लोग सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग लंबे समय से कर रहे थे। 27 मार्च से बीआरओ ने सुरक्षात्मक कार्य शुरू कर दिया है।
निर्माण कार्य 15 दिन तक चलेगा। इस अवधि में सुबह 11 से दोपहर एक बजे, तीन से पांच बजे और रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक दारमा, व्यास, चौदांस के लिए यातायात बंद रहेगा। अन्य समय में वाहन आवाजाही कर सकेंगे।
धारचूला के एसडीएम दिवेश शाशनी ने कहा कि सुरक्षात्मक कार्यों के दौरान लोगों को भी सहयोग करना चाहिए जिससे समय पर कार्य पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार के आपातकाल, चिकित्सा वाहन के लिए रास्ता खोला जाएगा।
तपोवन और गर्बाधार में यातायात सुचारु
धारचूला (पिथौरागढ़)। दो स्थानों पर चट्टानें खिसकने से बंद टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख सड़क को सोमवार को यातायात के लिए खोल दिया गया है। इससे सीमांत के लोगों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि गर्बाधार में चट्टानें खिसकने से तवाघाट-लिपुलेख सड़क शुक्रवार से बंद थी। रविवार शाम को तपोवन के पास भी पहाड़ी दरकने से टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद हो गई थी। इसके चलते सीमा पर तैनात जवानों सहित स्थानीय गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। रविवार देर शाम दोनों स्थानों पर आई चट्टानों को हटा दिया गया। संवाद