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पूरी रात नहीं सो पाए धारचूला, जौलजीबी वाले

Fri, 02 Dec 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला/जौलजीबी
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जौलजीबी में भूकंप के बाद मकान में आई दरार - फोटो : अमर उजाला
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बृहस्पतिवार रात धारचूला में भूकंप के दो झटके आने से लोग पूरी रात सो नहीं पाए। पहला झटका रात 10.23 बजे आया, लेकिन जब तक लोग निश्चिंत होकर सोने की तैयारी कर रहे थे तभी रात 11.15 बजे दूसरा झटका आ गया। लगातार भूकंप के झटके आने से लोगों की नींद उड़ गई। गनीमत रही कि 5.2 तीव्रता के इस भूकंप से जानमाल का खतरा नहीं हुआ। सिर्फ जौलजीबी में कुछ मकानों में दरारें आई। इधर, जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने रात ही में सभी तहसीलों में एसडीएम को अलर्ट कर दिया था। डीएम की ओर से शुक्रवार सुबह जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि भूकंप की तीव्रता बहुत थी, लेकिन पिथौरागढ़ जिले के किसी हिस्से से नुकसान की खबर नहीं है।
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धारचूला में लोग भारी दहशत में आ गए। सितंबर में धारचूला में 3.4 क्षमता का हल्का झटका आया था, लेकिन तीन महीने बाद तेज झटका आने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने फिर से भूकंप आने की आशंका को देखते हुए सभी तहसीलों में सजग रहने को कहा है। जौलजीबी में समाजसेवी लीला बनंग्याल के मकान की प्रथम मंजिल में दरारें आ गई। जौलजीबी कस्बे में दो-तीन और मकानों में भी दरारें आ गई। एसडीएम आरके पांडे के निर्देश पर राजस्व पुलिस की टीम ने मौका मुआयना किया। मदकोट में रात 11.15 बजे वाला झटका ज्यादा महसूस किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार भूकंप का केंद्र भारत-नेपाल सीमा पर पर्वतीय इलाके में था। 

हिमालय की गतिशीलता से भूकंप का खतरा : कौशल
पिथौरागढ़। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग में 2005 से 2013 तक विशेषज्ञ के तौर पर तैनात रहे मेजर जनरल आरके कौशल का कहना है कि हिमालय इस समय गतिशील अवस्था में है। इस कारण भूकंप की आशंका लगातार बनी रहेगी। सेना के एक कार्यक्रम में भाग लेने यहां पहुंचे रिटायर्ड मेजर जनरल कौशल ने कहा कि भूकंप कभी भी आ सकता है। ऐसे में लोगों को हमेशा तैयारी रखनी चाहिए। वह कहते हैं कि शहरों में मकानों का जो ढांचा बन गया है उसे बदल पाना तो संभव नहीं है, लेकिन थोड़ा सावधानी बरतने पर नुकसान के स्तर को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर की दीवारों पर ऐसी भारी चीज न टांगी जाए जो भूकंप आने पर गिर जाए। घर के अंदर रखे जरूरी कागजातों को एक स्थान पर सुरक्षित कर लिया जाए। भोजन, पानी और दवा की व्यवस्था हर घर में पहले से की जाए। उन्होंने कहा कि भूकंप का पूर्वानुमान लगा पाना संभव नहीं है।
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