सोमवार शाम अंधड़ से अस्कोट में अस्पताल, रेंजर आवास की छत उड़ गई। कई भवनों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। आम और केले के पेड़ धराशायी हो गए हैं। गणाईगंगोली में एक रेस्टोरेंट का छप्पर उड़ गया। गूल क्षतिग्रस्त हो गई।
अस्कोट अस्पताल के ओपीडी की छत उड़ने से ओपीडी कक्ष में रखी दवा, रजिस्टर भीग गए। अस्पताल के आवासीय भवनों की छतों को नुकसान पहुंचा है। ओपीडी कक्ष की छत उड़ने से ओपीडी संचालन की दिक्कत खड़ी हो गई है। अस्कोट के वन रेंजर आवास की छत भी तूफान में उड़ गई। अस्कोट के वन विभाग के चौकीदार क्वार्टर की छत को अंधड़ उड़ा ले गई। इससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
अस्कोट में सीमा सड़क संगठन परिसर में पेड़ गिरने से विभाग के टिप्पर को नुकसान पहुंचा है। खोलियागांव, देवल, हिनकोट में 8 लोगों की बकरी बाडे़ की छत उड़ गई। अस्कोट के हेल्पिया, देवल, खोलियागांव, जमतड़ी में भारी संख्या में आम और केले के पेड़ उखड़ गए, जिससे फल उत्पादक बेहद मायूस हैं। उधर, गणाईगंगोली के रामपुर भनोलीसेरा में सिंचाई गूल क्षतिग्रस्त हो गई। गूल की 20 मीटर दीवार गिर गई। कूना के मदन सिंह बोरा के रेस्टोरेंट का छप्पर उड़ गया। लोगों ने गूल की मरम्मत के साथ ही रेस्टोरेंट स्वामी को मुआवजा देने की मांग की है।