पानी की उपलब्धता के बावजूद नगर के कई मोहल्लों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पिछले चार दिनों से सप्लाई की स्थिति पूरी तरह पटरी से उतर गई है। जल संस्थान के अधिकारी कहते हैं कि घाट और ठुलीगाड़ पंपिंग योजना से पर्याप्त मात्रा में पानी लिफ्ट हो रहा है, लेकिन वितरण करने वाले कर्मचारी कुछ इलाकों में जानबूझकर संकट खड़ा कर रहे हैं।
शनिवार को एक बार फिर घंटाकरण, खड़कोट, सेरा, जीआईसी रोड के इलाके में पेयजल का संकट पैदा हो गया। लोगों ने बताया कि नलों में मात्र पांच मिनट पानी चला। जल संस्थान के लाइनमैनों ने बताया कि टंकी में पानी की मात्रा कम थी, लेकिन अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि इन दिनों पानी की लिफ्टिंग सही ढंग से हो रही है और टंकियों में पूरा पानी भरा रहता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बावजूद संकट पैदा होने की वह अपने स्तर से जांच करेंगे। उपभोक्ताओं का कहना है कि सुबह पानी खोलते समय तैनात कर्मचारी अपनी मर्जी से ही किसी इलाके में ज्यादा तो किसी में बहुत कम पानी दे रहे हैं।
यह समस्या कई वर्षों से बनी है। असमान वितरण के खिलाफ नगर में कई बार लोग आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन यह समस्या हल नहीं हो पाई है। अब गर्मी का सीजन शुरू होने वाला है। लोग आशंकित हैं कि गर्मियों में हाहाकार की नौबत पैदा हो सकती है। ग्रामीण अंचलों में भी पेयजल का संकट गहराने लगा है।
डीडीहाट में स्थिति खराब होने लगी
डीडीहाट। डीडीहाट नगर में अभी से पेयजल सप्लाई की स्थिति खराब होने लगी है। लोगों को दिन में सिर्फ एक बार थोड़ी देर के लिए पानी मिल रहा है। बताया गया कि स्रोतों में पानी का स्तर कम होने से यह नौबत आई है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि स्रोतों की मरम्मत का काम किया जा रहा है। कुछ दिन में सप्लाई में सुधार आ जाएगा।