इस हालत में है मसूरीकांठा-होकरा सड़क
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मसूरीकांठा से होकरा जाने वाली सड़क पर मलबा हटाने का काम वाहन चालकों को खुद करना पड़ रहा है, इसकी वजह यह है कि पीएमजीएसवाई ने सड़क पर आए मलबे को हटाने का काम आधे में ही छोड़ दिया है। नतीजतन क्षेत्र के खोयम, होकरा, गौला, नामिक की छह हजार की आबादी जान जोखिम में डालकर इस सड़क से आवाजाही करने को मजबूर है। इधर, विभाग आपदा मद में बजट न होने का रोना रो रहा है। क्षेत्र के लोगों ने विभाग से रविवार तक सड़क की दशा ठीक करने की मांग की है। कहा कि रविवार तक सड़क की दशा नहीं सुधारी गई तो क्षेत्र के लोग सोमवार को डीएम के जनता दरबार में समस्या उठाएंगे।
मसूरीकांठा से होकरा जाने वाली सड़क पीएमजीएसवाई खंड धारचूला के अधीन है। विभाग द्वारा पिछली बरसात में सड़क पर आए मलबे को हटाने का काम आधे में ही छोड़ दिया गया। इसके साथ ही मलबा हटाने के लिए लगाए गए मजदूरों को भी विभाग अब तक मजदूरी नहीं दे सका है। वहीं, विभागीय उदासीनता को देखते हुए क्षेत्र के लोगों ने सड़क की दशा सुधारने के लिए खुद ही कमर कस ली। क्षेत्र के वाहन चालक देवसिंह मेहता, सुंदर सिंह मेहता, गोविंद सिंह मेहता, प्रहलाद मेहता द्वारा चंदा एकत्र कर कुछ हद तक सड़क की दशा सुधारने का प्रयास किया गया, लेकिन अब भी छिलकाधार, टकार, भावाखेत आदि जगहों पर सड़क की हालत खतरनाक बनी है। सड़क पर मलबा गिरने के कारण आए दिन यातायात प्रभावित रहता है।
होकरा के प्रधान सुंदर सिंह मेहता, गौला की प्रधान मोतिमा देवी पीएमजीएसवाई खंड धारचूला को कई बार सड़क की दशा सुधारने के लिए पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। होकरा के प्रधान मेहता का कहना है कि पिछली बरसात में पीएमजीएसवाई द्वारा क्षेत्र के 100 ग्रामीण मजदूरों की सहायता से सड़क खोलने का काम किया गया था, लेकिन उन मजदूरों को अब तक मजदूरी नहीं दी गई। बताया कि विभाग को कई बार वह इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विभाग द्वारा 2016-17 और 2017-18 में आई आपदा में जो कार्य किया गया था, उसका आंशिक भुगतान मजदूरों को किया जा चुका है। विभाग के पास बजट न होने के कारण भी कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं। विवेक धर्मशक्तू, अवर अभियंता, पीएमजीएसवाई खंड धारचूला।