मुनस्यारी में पेयजल संकट को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
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एक और दो जुलाई को आई आपदा में ध्वस्त पेयजल योजनाओं की अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। इससे भड़के बर्नियागांव, चेटिचिमला, तल्ला घोरपट्टा के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन करने के साथ ही धरना भी दिया।
ग्रामीणोें ने 29 अक्तूबर को जलापूर्ति बहाल न होने पर एक नवंबर को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को तल्ला घोरपट्टा के क्षेत्र पंचायत सदस्य सुंदर राम जौहरी के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पहुंचे लोगों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में धरना दिया। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि वह 25 सितंबर से पेयजल सुचारु करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आंदोलन को समर्थन देते हुए एनएसयूआई के ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम दानू ने कहा कि आपदा के चार माह बाद भी लोगों को पेयजल के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम केएन गोस्वामी ने जलसंस्थान के अधिकारियों को 24 घंटे में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। प्रदर्शन में प्रधान चेटिचिमला शांति दास्पा, तल्ला घोरपट्टा की पूर्व प्रधान जगदंबा, तल्ला घोरपट्टा की प्रधान मुन्नी देवी, बर्नियागांव के प्रधान कृष्ण सिंह मेहरा, एडवोकेट नाथू राम वर्मा आदि शामिल थे।