नव दुर्गा प्रगति सेवा समिति रामेश्वर ने महाकाली नदी पर बनने वाले पंचेश्वर बांध की जनसुनवाई में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है। इन लोगों ने रामेश्वर शिव मंदिर परिसर में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही पौराणिक महत्व के रामेश्वर मंदिर के डूबने पर चिंता जताई।
प्रदर्शन के बाद हुई बैठक में समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 11 अगस्त को जिला मुख्यालय में होने वाली जनसुनवाई में वह लोग भाग नहीं लेंगे। उपरतोला के क्षेत्र पंचायत सदस्य ललिता प्रसाद ने कहा कि सरकार पूरी तरीके से मनमानी पर उतर आई है। खानापूर्ति के लिए 11 अगस्त को जिला मुख्यालय में सुनवाई की जा रही है। कहा कि जनसुनवाई बांध से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में होनी चाहिए।
इलाके के लोगों के उनके हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी देने के साथ ही पौराणिक शिव मंदिर की सुरक्षा के संबंध में बताया जाना चाहिए। प्रदर्शन में शिव मंदिर के महंत महेश गिरी, टिम्टा के प्रधान जगदीश राम, उपरतोला की प्रधान नीला देवी, किशन गिरी, हनुमान सिंह, गंगा सिंह, संजय सिंह, पंकज सिंह आदि शामिल थे।
प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा
पंचेश्वर बांध के विरोध में मूनाकोट विकासखंड के कई गांव के लोगों ने प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बगैर स्थलीय निरीक्षण के बांध की डीपीआर बनाने का आरोप लगाया गया है। झूलाघाट, गौरीहाट, रज्यूड़ा, कानड़ी और बल्तड़ी गांवों के लोगों ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि बांध निर्माण की प्रक्रिया को रोक कर और क्षेत्र के लोगोें को विश्वास में लेकर ही बांध की डीपीआर बनाई जानी चाहिए। आरोप लगाया कि कंपनी ने बिना स्थलीय निरीक्षण के डीपीआर तैयार की है। डीपीआर में बांध बनने के बाद विस्थापन, पुनर्वास और रोजगार का कहीं भी जिक्र नहीं हैं। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव जोशी, बल्तड़ी के उपप्रधान लक्ष्मण चंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य पवन चंद, द्वालीसेरा के प्रधान पद्म सिंह धामी, भीम सिंह गोबाड़ी, पुष्कर सिंह, अतुल डिक्टिया आदि मौजूद थे। वहीं, जौलजीबी क्षेत्र के पंचेश्वर बांध प्रभावितों ने भी प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जौलजीबी को व्यापारी मंडी में शामिल करने, वर्ग-4, 5 और वर्ग-2 की भूमि पर खेती करने वाले, मकान बनाकर बसे लोगों को भी मुआवजा देने, जमीनों एवं भवनों का मुआवजा 2017 के सर्किल रेट से देने, भूमि, मकान स्वामियों को 5 गुना अधिक मुआवजा देने, बांध से प्रभावित आसपास के गांवों को बिजली मुफ्त देने, अंतरराष्ट्रीय मेला जौलजीबी, अन्नपूर्णा मंदिर, ज्वालेश्वर मंदिर और हंसेश्वर मंदिर से जहां भी लोगों का पुनर्वास हो, उनके लिए वहीं पर मंदिर बनाने आदि की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश सदस्य लीला बनग्याल, बरम जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष कमल सिंह, प्रधान कमला चंद, आदि लोग शामिल थे।