डीडीहाट में प्रभारी तहसीलदार को ज्ञापन देते हुए वंचित राज्य आंदोलनकारी। संवाद
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई सूची में नाम दर्ज न करने पर आक्रोश जताया। इस दौरान सभी के नाम सूची में शामिल करने की मांग पर प्रभारी तहसीलदार चंद्र प्रकाश के माध्यम मुख्यमंत्री और डीएम को ज्ञापन भेजा गया।
नगर के एक रेस्टोरेंट में वंचित राज्य आंदोलनकारियों और यूकेडी की बैठक हुई। यूकेडी के अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि साल 2017 से आंदोलनकारी अपने चिह्नीकरण के लिए लड़ रहे हैं। शासन-प्रशासन हमेशा कहता है कि उनके अभिलेख सरकार के पास नहीं हैं। जो थे उन्हें समय सीमा अधिक होने पर नष्ट कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आंदोलनकारी प्रमाण कहां से लाएगा।
उन्होंने कहा कि जब पूर्व में गठित चिह्नीकरण समिति बिना किसी साक्ष्य के आंदोलनकारी का दर्जा दे सकती है तो फिर अन्य को भी उनका अधिकार दिया जा सकता है। वंचित राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष तरुण पाल ने 2017 से 2021 तक आवेदन करने वालों का नाम भी सूची में दर्ज कर उन्हें आंदोलनकारी का दर्जा देने की मांग की। बैठक में यूकेडी के दीवान सिंह मेहता, डॉ. लोकेश डसीला, शेर सिंह शाही, सुनील साह, जगत मुनोला, अघोषित राज्य आंदोलनकारी नवीन कफ़लिया, विपिन जोशी, सुभाष जोशी, अर्जुन कन्याल, गंगा सिंह, राजेंद्र देउपा, दीप चंद्र पांडे, चंद्र मोहन पाल आदि थे।