झुलसाती गर्मी के बीच स्कूल से घर को जाते बच्चे।
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भीषण गर्मी स्कूली बच्चों के लिए काफी मुश्किल खड़ी कर रही है। सरयू और रामगंगा घाटी में स्थित स्कूलों के बच्चों को छुट्टी के बाद झुलसाती दोपहर में पैदल घर पहुंचना भारी पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने इस परेशानी को लेकर डीएम आशीष भटगाईं और सीईओ से बात कर स्कूलों के समय में परिवर्तन की मांग की है।
शेराघाट, सालण, दुबोलासेरा, नागधुना, बोयल सहित कई गांवों के सैकड़ों बच्चे भीषण गर्मी के बीच छुट्टी के बाद भारी बैग लेकर घर के लिए पैदल आते हैं। इन इलाकों में दोपहर के समय तापमान 40 डिग्री तक पहुंच रहा है। खासकर प्राइमरी के बच्चों के लिए चिलचिलाती धूप को झेलना कठिन हो गया है। ऐसे में अभिभावक भी काफी चिंतित हैं।
अमर उजाला ने अभिभावकों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए मंगलवार के अंक में बस्ते का बोझ और तपिश झेल रहे बच्चे शीर्षक से प्रकाशित किया था। वहीं ज्येष्ठ उप प्रमुख रविंद्र डसीला डब्बू ने बताया कि उन्होंने डीएम से संदर्भ में बात की जिस पर डीएम ने जल्द व्यवस्थाओं में सुधार करने का आश्वासन दिया है।
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पंत का कहना है कि एक मई से शासन के निर्देशानुसार विद्यालयों के समय में परिवर्तन किया जाएगा। ज्येष्ठ उप प्रमुख रविंद्र समेत प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष हरीश डसीला और अन्य अभिभावक गर्मी को देखते हुए विद्यालयों का समय सुबह सात से दोपहर 12 तक करने की मांग कर रहे हैं।