झूलाघाट (पिथौरागढ़)। दिल्ली की एक महिला ने जिलाधिकारी से नेपाल में फंसे अपने परिवार को निकालने की गुहार लगाई है। बैतड़ी के सहायक सीडीओ ने भी डीएम को बैतड़ी में फंसे 20 भारतीयों को निकालने के लिए पत्र भेजा है।
दिल्ली में एयरफोर्स में काम करने वाले किशन सिंह अपने बेटे और परिवार के साथ सात मार्च को बैतड़ी के सांगड़ी गांव आए थे। 23 मार्च से लॉकडाउन हो जाने के बाद ये लोग गांव में ही फंसे है। किशन सिंह की पत्नी कलावती देवी और बेटे सूरज सिंह ने जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, बैतड़ी के सीडीओ आनंद पौडेल और गृह मंत्रालय में फोन कर पति को भारत लाने की मांग की है।
बैतड़ी के मेयर नरेंद्र थापा ने सहायक सीडीओ लोकेंद्र सिंह नेगी को परिवार की स्थिति के बारे में बताया। सीडीओ ने डीएम पिथौरागढ़ से बैतड़ी के विभिन्न जगहों में फंसे भारतीयों को झूलापुल खोलकर निकालने को लेकर पत्र भेजा है। संवाद
नेपाल में 30 से अधिक भारतीय फंसे
धारचूला (पिथौरागढ़)। लॉकडाउन के कारण भारत में फंसे ढाई हजार से अधिक नेपाली नागरिक तो अपने वतन लौट गए, लेकिन नेपाल के दार्चुला में फंसे 30 भारतीयों की वापसी नहीं हो सकी।
भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर नेपाल में फंसे लोगों को भारत लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दार्चुला में फंसे लोगों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। वहां पर तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि ये लोग भारत वापसी का इंतजार करते रहे लेकिन अपने देश नहीं लौट सके।
वहां फंसे लोगों में स्यांकुरी निवासी गर्भवती महिला ममता देवी भी हैं। इसके अलावा सोसा निवासी लवीना ह्यांकी अपनी पांच माह की बच्ची के और रेखा बिष्ट अपने मासूम बेटे के साथ वहां पर फंसी हैं। इस संबंध में एसडीएम एके शुक्ला ने बताया कि भारतीय नागरिकों के फंसे होने की सूचना मिली है। नेपाल दार्चुला प्रशासन को पत्र भेज कर फंसे भारतीयों की सूची बनाई जा रही है। दोनों देशों की सरकारों की अनुमति के बाद वापसी संभव हो पाएगी।