बारहमासी सड़क पर मीना बाजार के पास मलबा हटाती जेसीबी
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बारहमासी सड़क पर घाट से लेकर गुरना तक रोजाना एक-दो घंटे तक जाम लगना अब आम बात हो गई है। सड़क निर्माण का काम तेज होने के साथ ही मलबा गिरने की रफ्तार भी बढ़ी है। बुधवार को भी अलग-अलग चरणों में दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। जाम से यात्री और वाहन चालक खासे परेशान हैं। सुबह के समय पिथौरागढ़ से इसी सड़क से होकर टनकपुर, दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, बरेली, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, गंगोलीहाट के लिए कई यात्री वाहन निकलते हैं। इन वाहनों को गुरना से आगे सड़क खुलने तक इंतजार करना पड़ता है।
प्रशासन ने बारहमासी सड़क निर्माण के काम को प्राथमिकता में रखा है। इस कारण प्रशासन काम में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं लाना चाहता, लेकिन नियमों के अनुसार निर्माण कार्य करने की सख्त हिदायत दी गई है। डीएम सी रविशंकर ने एनएच के अधिकारियों को तीन बार नोटिस देकर कहा है कि यदि सड़क निर्माण में मानकों के विपरीत काम हुआ तो जुर्माना वसूला जाएगा। डीएम ने मलबा निस्तारण और धूल को नियंत्रित करने के लिए विशेष कदम उठाने को कहा है।
इस बीच पंचेश्वर घाटी संघर्ष समिति के संयोजक मनोज सिंह सामंत और अध्यक्ष मान सिंह सामंत ने कहा कि सड़क निर्माण के समय मानकों की अनदेखी की जा रही है। इसी कारण आम लोगों की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि यात्रियों की दिक्कतों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मलबा गंभीर खतरे का कारण न बन जाए
सेरा गोगना के सरपंच दीपक सिंह वल्दिया ने डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि बारहमासी सड़क निर्माण के समय सारा मलबा सेरा गांव के ठीक ऊपरी हिस्से पर फेंका जा रहा है। बारिश के मौसम में यह मलबा गांव के साथ-साथ खेतों को खतरा पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क के मलबे से सेरा, ऐरा और सेलग्वानी गांव खतरे की जद में आ सकते हैं। पत्र में मांग की गई है कि गांव के ऊपरी हिस्से पर डाले गए मलबे का निस्तारण किया जाए।