नाचनी के रामगंगा में पटा हरड़िया नाले का मलबा और बोल्डर। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। हरड़िया नाले का मलबा और बोल्डर भारी मात्रा में रामगंगा में समा गया है। इससे नदी में झील बनने के साथ ही प्रवाह का मुहाना मात्र तीन मीटर रह गया है। यह भैंसखाल गांव, नाचनी बाजार के अलावा करोड़ों की लागत से नवनिर्मित हरड़िया पुल के लिए खतरा बना है।
सिंचाई विभाग नदी तल पर मुहाना चौड़ीकरण का प्रस्ताव प्रतिवर्ष शासन को भेजता है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती। 2007 से गट घोरगाड़ी गांव की पहाड़ी पर भूस्खलन हो रहा है। बारिश के दौरान भूस्खलन का मलबा, बोल्डर हरड़िया नाले से दो सौ मीटर क्षेत्र पर रामगंगा में पट जाता है। बारिश के मौसम में कई बार रामगंगा का प्रवाह बाधित होने पर भैंसखाल गांव की ओर डेढ़ किमी की झील बन जाती है। इससे गांव की उपजाऊ भूमि भी जलमग्न हो जाती है। वहीं नदी तल पर मलबा पटने से यह हरड़िया पुल के नीचे तक पहुंच जाता है। इससे पुल को भी खतरा बना है।
कोट
आपदा मद में इस बार भी रामगंगा का मुहाना चौड़ा करने और हरड़िया नाले को चैनेलाइज करने का प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर संरक्षण का कार्य किया जाएगा।
- विनय रावत, अवर अभियंता , सिंचाई विभाग