पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट एनएच पर स्थित थरकोट झील में 19 वर्षीय युवक डूब गया। वह इकलौता पुत्र था। घंटों तक खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिल सका। उसकी खोजबीन के लिए झील के पानी को छोड़ा जा रहा है। टनकपुर से गोताखोर भी बुलाए गए हैं।
इग्यारदेवी के पलेत गांव निवासी नंदाबल्लभ जोशी का पुत्र सागर जोशी (19) रविवार करीब 3.30 बजे अपने दोस्तों के साथ थरकोट झील में नहाने गया था। इस दौरान अचानक वह डूबने लगा। उसने शोर मचाकर साथियों को मदद के लिए बुलाया। उस तक साथी के पहुंचने से पहले ही वह डूब गया। इसके बाद घबराए अन्य युवक भी झील से बाहर आ गए। साथियों ने घटना की सूचना ग्रामीणों को दी जिसके बाद मौके पर ग्रामीण भी पहुंचे। पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई।
इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने थरकोट झील में पहुंचकर युवक को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन उसका पता नहीं चल सका। देर शाम तक खोजबीन जारी थी। सीओ नरेंद्र पंत भी मौके पर थे। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि युवक को झील से निकालने के लिए टनकपुर और लोहाघाट से गोताखोर बुलाए गए हैं। उनके यहां पहुंचते ही झील में ढूंढ़खोज की जाएगी। लाइट के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। एसडीआरएफ की टीम ढूंढ़खोज कर रही है।
झील में पानी भरने के साथ ही होने चाहिए थे सुरक्षा के इंतजाम
पिथौरागढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर्यटन और पेयजल के लिए बनाई जा रही थरकोट झील के उद्घाटन से पहले ही हादसा हो गया। झील में पानी तो भर दिया गया लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के युवा बिना किसी रोक टोक के इस झील में नहा रहे थे। राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट ने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। जब झील में पानी भरा था तो विभाग को एक चौकीदार रखना चाहिए था। चौकीदार की तैनाती के लिए कहा भी गया लेकिन विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किया। घटना पर दुख जताकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोमल मेहता ने वहां सुरक्षा के इंतजाम कर जिले में गोताखोर भी तैनात करने की मांग की।
पिता सदमे में बेहोश, जिला अस्पताल में भर्ती
पिथौरागढ़। झील में डूबा युवक सागर सेना भर्ती के लिए रोज घंटों तक पसीना बहाता था। इंटर पास करने के बाद से ही उसने सेना भर्ती में जाने का मन बना लिया था। इसके लिए वह रोज नेशनल हाईवे पर दौड़ लगाता था। वह परिवार का इकलौता चिराग था। उसके झील में डूबने से परिवार गहरे सदमे में है। पिता नंदा बल्लभ जोशी सदमे से बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर उनका उपचार चल रहा है। उसकी मां जानकी जोशी, छोटी बहन दीक्षा जोशी (11) का भी रो-रोकर बुरा हाल है। थरकोट झील में युवक के डूबने की घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर जुटी रही।
थरकोट झील इस समय निर्माणाधीन है। सुरक्षा के लिए फेंसिंग की गई है। इसके अलावा जगह-जगह पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। धीरज जोशी सिंचाई निर्माण खंड पिथौरागढ़।