पिथौरागढ़। कुजौली से पांडेगांव की तरफ आ रहे एक मजदूर के पीछे कुत्तों का झुंड पड़ गया। जब मजदूर ने इन कुत्तों से बचने के लिए दौड़ लगाई तो वह खाई में जा गिरा। उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। अस्पताल पहुंचाने से पहले उसने दम तोड़ दिया।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे करीब 25 कुत्तों का झुंड देखकर बिहार के जिला बेतिया, थाना बेरिया निवासी सुनील चौधरी (24) पुत्र रामदेव घबरा गया। तब वह अकेले पियाना मोहल्ला स्थित अपने कमरे से पांडेगांव की तरफ आ रहा था। उसने कुत्तों को भगाने की कोशिश भी की लेकिन कुत्तों ने पीछा नहीं छोड़ा।
आसपास के लोगों ने भी कुत्तों को भगाने का प्रयास किया लेकिन कुत्ते नहीं डरे। भागते हुए पांडेगांव पहुंचने से पहले सुनील खाई में गिर गया। उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। आसपास के लोगों ने तत्काल उसे उठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्तों का यह झुंड इतना खूंखार था कि बाद में वह पांडेगांव बाजार होते हुए डिग्री कॉलेज की तरफ निकल गया।
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से सटे नैनीसैनी गांव में 17 फरवरी को कुत्तों के काटने से चार वर्षीय कार्तिक की मौत हो गई थी। कार्तिक को खूंखार कुत्तों ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, उसे इलाज के लिए हल्द्वानी ले जाया गया। जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। कुत्ते छोटी बछिया, गायों को भी मार चुके हैं।
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में आवारा कुत्तों की तादात लगातार बढ़ रही है। अब यह संख्या 100 से अधिक पहुंच गई है। जिस मोहल्ले में भी जाओ वहां कुत्तों का झुंड दिखाई देता है। अकेले चलने वालों के लिए यह कुत्ते खतरनाक साबित हो सकते हैं।