धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा समेत धारचूला की तीनों घाटियों के लिए दूसरे दिन भी यातायात सुचारु नहीं हो पाया। क्षेत्र में शनिवार रात से ही हो रही बारिश के चलते सड़क खोलने का काम नहीं हो पाया। इसके चलते व्यास, दारमा और चौंदास घाटी के लोगों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है।
चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क मलबा और बोल्डर आने से कई स्थानों पर बंद हैं। क्षेत्र में शनिवार रात से ही भारी बारिश होने से घटखोला पुल के पास पहाड़ी फिर से दरक गई है। भारी मात्रा में मलबा सड़क पर गिरा है। यहां पर छह दिन पूर्व भी सड़क बंद हो गई थी। एलागाड़, मलघाट, वर्तीघाट पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरे हैं। सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंसे हुए हैं। धारचूला के ऊपरी क्षेत्रों के ग्रामीण जरुरी कार्य के लिए जान जोखिम में डाल आवागमन करने को विवश हैं। हिलवेज कंपनी के पीआरओ त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि घटखोला पुल के पास बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई है। बारिश के चलते सड़क खोलने में देरी हो रही है। बोल्डर और मलबा गिरने से एनपीसीसी की ग्राम जुम्मा को जोड़ने वाली सड़क 100 मीटर ध्वस्त हो गई है। ग्रामीण तीन से पांच किमी पैदल चलने को मजबूर हैं।
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चलारी तोक के आठ परिवार खतरे की जद में
नाचनी। क्षेत्र के बसानी गांव का चलारी तोक भूस्खलन की जद में आ रहा है। भैंसकोट निवासी भाजपा ओबीसी जिला उपाध्यक्ष भवान महर ने बताया कि भुजगड़ नदी के कटाव से चलारी तोक के आठ परिवार खतरे की जद में आ गए है। मकानों में दरारें आने लगी है। इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गयी है।
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सीमांत जिले में 17 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आफत की बारिश जारी है। आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार तवाघाट-घट्टाबगड़, पिथौरागढ़-तवाघाट, पातालभुवनेश्वर-रावलखेत, नाचनी-बांसबगड़-रायबजेता, तवाघाट-थानीधार, मटियाली बैंड-ऊपरतोला, मालकोट-लोध सड़कें मलबा, बोल्डर आने से बंद हैं। इनके अलावा ड्योड़ा-बारमो, डीडीहाट-आदीचौरा-हुनेरा, मसूरीकांठा-होकरा, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमति, डोर-सैंणरांथी, ऐलागाड़-जुम्मा, सेलमालि-बिचना, नाचनी-भैंसकोट सड़कें बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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काली नदी चेतावनी स्तर के पार
पिथौरागढ़। सीमांत में हो रही लगातार बारिश से काली नदी उफान पर हैं। काली नदी चेतावनी स्तर 889 मीटर को पार कर 889.30 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 890 मीटर है। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे नहीं जाने की चेतावनी दी है। संवाद
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दिनभर हुई रिमझिम बारिश
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय समेत अन्य जगहों पर रविवार को सुबह मौसम सामान्य रहा। दोपहर बाद रुकरुक कर रिमझिम बारिश होते रही। कनालीछीना क्षेत्र में कोहरा छाया रहा। इससे चालकों को वाहन चलाने में भी दिक्कत हुई। डीडीहाट, धारचूला, अस्कोट आदि जगहों पर भी बारिश जारी रही। इससे तापमान में भी गिरावट आ गई। ठंडी हवा चलने से कई लोग गर्म कपड़ों में भी दिखे। संवाद
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कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़ 3 मिमी
गंगोलीहाट 3 मिमी
बेड़ीनाग 1 मिमी
डीडीहाट 10.9 मिमी
मुनस्यारी 23.2 मिमी
धारचूला 34.6 मिमी