डीडीहाट में बैठकी होली गायन में मस्त होल्यार
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रंगभरनी एकादशी के दिन से नगर में बैठकी होली की शुरुआत हो गई है। बुधवार रात नगर के तहसील रोड पर भगवती प्रसाद जोशी के आवास पर आयोजित बैठकी होली में गायकों ने शास्त्रीय संगीत पर आधारित कई गीत पेश किए। अब होली की छरड़ी तक रोज इसी तरह बैठकी होली के कार्यक्रम चलते रहेंगे।
वयोवृद्ध होल्यार परसी लाल वर्मा ने राग काफी पर आधारित-तू मृत्यु लोक में आयो, भृग तारिणी गंगे, गंगा जी को भगीरथ लाए, तारन को परिवार गाकर बैठकी होली की शुरुआत की। भगवती प्रसाद जोशी ने राग जंगला काफी पर आधारित होली गीत-सारी डार गयो मोपे, रंग की गागर, कैसा धोखा दिया, मैं तो भूल से देखन लागी उधर, सुनाया। राजकुमार ने-फागुन के दिन चार रे, होली खेल मनारे गीत सुनाकर माहौल को रंगीन बनाने का प्रयास किया।
ओम प्रकाश वर्मा ने-कैसी बंसिया बजाई, तोरे कान्हा ने लरक गीत सुनाकर भगवान कृष्ण के नटखट चरित्र को सामने लाने का प्रयास किया। पीसी बिष्ट ने-बाजी बजी से मुरलिया कहीं, जमुना किनारे सुनाई। कार्यक्रम में ललित भंडारी, संजू पंत, सुरेश जोशी, रतन गिरी गोस्वामी, महेश चंद्र पंत, कविंद्र बिष्ट ने भी विभिन्न रागों पर होली गाई। जोहार जनजाति संगठन ने भी खड़ी होली की शुरुआत कर दी है।