ऐसी हो गई है गौरीहाट-दोली सड़क की हालत
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झूलाघाट क्षेत्र के गौरीहाट से दोली के लिए यूपी शासनकाल में विधायक निधि से बनी सड़क पर अब तक डामरीकरण नहीं हुआ है। निर्माण के 33 साल बाद भी डामर नहीं होने से सड़क का कोई लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सुविधा के अभाव में लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के दौर में विधायक रहे स्वर्गीय लीलाराम शर्मा ने वर्ष 1985 में गौरीहाट से दोली के लिए विधायक निधि से तीन किमी सड़क कटवाई। 15 लाख रुपये की लागत से सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन राज्य बनने के 18 साल बाद भी इस सड़क पर डामरीकरण नहीं हुआ है। क्षेत्रीय विधायक विशन सिंह चुफाल दीवार, नाली निर्माण और गड्ढे भरान के लिए विधायक निधि से चार लाख रुपये दे चुके हैं। आपदा मद से भी सड़क के किनारे दीवार बनाने का काम किया गया। गांव के लोग प्रत्येक वर्ष बरसात के बाद श्रमदान से सड़क की मरम्मत करते हैं।
वहीं, सड़क पर डामरीकरण न होने से दोली और भंडाखोली गांव के लोग परेशान हैं। सुविधा न होने से दोनों गांवों के 240 परिवार में से 170 परिवार अन्यत्र बस चुके हैं। विधायक चुफाल का कहना है कि उस समय रोजगार गारंटी योजना से सड़क कटी थी। जल्दी ही शासन से सड़क को विधिवत स्वीकृति दिलाकर नए सिरे से सड़क का काम कराया जाएगा। लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन जोशी का कहना है कि सड़क के सुधारीकरण और डामरीकरण का प्रस्ताव शासन को गया है। स्वीकृति के बाद काम शुरू हो जाएगा।