पिथौरागढ़। लगातार 72 घंटे तक मूसलाधार बारिश से सीमांत जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई नदियों में बने लकड़ी के कच्चे पुल बह गए वहीं जिला मुख्यालय सहित कई स्थानों पर मकानों की सुरक्षा दीवारें ढह गईं।
मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़ के सरस्वती विहार कॉलोनी में एक मकान की सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। झूलाघाट में महाकाली नदी उफान पर है। प्रशासन से नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी किया है।
मूनाकोट ब्लॉक के रज्यूड़ा ग्रामसभा के लमतड़ा गांव में नरेंद्र राम के घर की दीवार गिर गई। प्रधान लक्ष्मी भट्ट ने नुकसान की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को दी है। विभाग ने नुकसान का निरीक्षण कर क्षति का आकलन कर लिया है।
बिलाई गांव में भी भरत सिंह के आंगन की दीवार गिर गई। इस कारण मकान को खतरा हो गया है। भरत सिंह ने बताया दीवार को उसने छह माह पहले ही बनाया था।
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के आपदा प्रभावित गांव धापा में पत्थर और मलबा गिरा। मलबे के कारण पेयजलापूर्ति बाधित हो गई है। गांव के पूर्व प्रधान मुन्ना ढोक्ति ने बताया कि भूस्खलन से पेयजल की लाइन और चैंबर ध्वस्त हो गए हैं।
मौसम के मिजाज से धापा गांव के लोग सहमे हैं। खतरे में आने के कारण इन गांवों के लोगों का पुनर्वास किया जाना है लेकिन पुनर्वास नहीं किया गया है। ऐसे में बरसात में इन परिवारों को फिर से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नाचनी (पिथौरागढ़)। तीन दिन की बारिश से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। नाचनी में निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा कार्य स्थल तक पानी आ गया। नदी के प्रवाह से निर्माण स्थल पर लगी लकड़ी के कुछ तख्ते बल्लियां बह गई।
खतरे को देखते हुए मशीनों को पहले ही हटा लिया गया था। सिंचाई विभाग के जेई सुंदर सिंह ने बताया कि 288 लाख की लागत से नाचनी में रामगंगा नदी पर सुरक्षा तटबंधों का निर्माण कार्य चल रहा है।
बेमौसमी बारिश से रामगंगा का जलस्तर लगभग डेढ़ मीटर तक बढ़ गया। इससे ठेकेदार की एक दर्जन बल्लियां, तख्ते आदि बह गए हैं। अब जलस्तर कम होने पर निर्माण कार्य शुरू होगा।
बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी तहसील के लुमती-घरुड़ी के लिए नदी में पुल नहीं बना है। बारिश होने से लकड़ी का कच्चा पुल बह गया है। इससे आवाजाही प्रभावित होने से क्षेत्र अलग-थलग पड़ गया।
ग्रामीणों ने शुक्रवार को नदी का जलस्तर कम होने पर लकड़ी के लट्ठों को ठीक कर कच्ची पुलिया बनाई। पुल बनाने वालों में भगत सिंह मेहरा, भवान सिंह, गोविंद सिंह, गंभीर सिंह, हरी चंद, रणजीत सिंह, पंकज चंद, पुष्कर वर्ती, दलीप चंद आदि शामिल रहे।
मवानी दवानी की ग्राम प्रधान मुन्नी देवी ने डीएम को ज्ञापन भेजकर नदी पर शीघ्र ट्रॉली लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि समय से ट्रॉली नहीं लगी तो बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पूरा क्षेत्र अलग-थलग पड़ जाएगा।