दारमा घाटी के नागलिंग गधेरे में लगाया जा रहा वैली ब्रिज।
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दारमा घाटी में सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। नाले और गधेरों पर यातायात के बेरोकटोक संचालन के छह पुल लगाए जाने हैं। कोलकाता से पांच पुल क्षेत्र में पहुंच गए हैं। कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी की ओर से नागलिंग में वैली ब्रिज जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। अक्तूबर तक सभी पुल तैयार हो जाएंगे। अगले वर्ष तक सड़क में डामरीकरण का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की ओर से दारमा घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्र को सड़क से जोड़ने के लिए न्यू सोबला से तिदांग तक 46 किमी सड़क बनाई जा रही है। 2011 में सड़क का कार्य शुरू हुआ। 2013 में क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के चलते सड़क का एलाइनमेंट बदल गया। 2015-16 से सड़क का कार्य फिर से शुरू किया गया।
कार्यदायी संस्था को पंग्पांबे घाटी में दो किमी खड़ी चट्टान को काटने में काफी समय लग गया। चट्टान से लगातार भारी बोल्डर गिरने से सड़क कटिंग में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां अभी भी लगातार चट्टान खिसकने का खतरा बना हुआ है। सीपीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार हांडा ने बताया कि पंग्पांबे की चट्टानों से भूस्खलन रोकने के लिए सीआरआरआई (सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट) के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों ने एक बार यहां की चट्टानों का अध्ययन भी कर लिया है। भूस्खलन कैसे रोका जाए अब इसके बारे में वे अभियंताओं को सुझाव देंगे। अक्तूबर तक नागलिंग, नागलिंग से पांच किमी आगे, बालिंग, नासी, पंचाचूली बेस कैंप के पास और तेजम नाले में पुल लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वैली संस्पेंशन पुल अभी नहीं पहुंचा है। अगले वर्ष तक सड़क पर डामरीकरण का कार्य भी पूरा हो जाएगा। दारमा घाटी तक सड़क का कार्य पूरा हो जाने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में काफी इजाफा होगा। इससे माइग्रेशन के 14 और तल्ला दारमा के पांच गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा।
यातायात बंद करने को एसडीएम को लिखा पत्र
न्यू सोबला-तिदांग सड़क पर यातायात बंद रखने सीपीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार हांडा ने उप जिलाधिकारी धारचूला को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। कहा है कि जब तक कार्य पूरे नहीं हो जाते तब तक सड़क पर यातायात संचालन बंद किया जाए।