जोलजीबी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती जीजीआईसी धारचूला की छात्राएं।
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धारचूला (पिथौरागढ़)। जौलजीबी मेला अब समापन की ओर है। हालांकि मेले में लोग अभी भी खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। पड़ौसी देश नेपाल के साथ ही आसपास के गांवों के लोग रात को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठा रहे है।
शुक्रवार को विद्यालयी कार्यक्रमों में जूनियर वर्ग के ग्रैंड फिनाले में राबाइंका धारचूला की टीम ने प्रथम पुरस्कार के रुप में छह हजार रुपये का नकद इनाम जीता। राप्रावि बलुवाकोट द्वितीय स्थान पुरस्कार चार हजार और मल्लिकार्जुन स्कूल धारचूला ने तृतीय पुरस्कार के रुप में तीन हजार रुपये का इनाम जीता। एंजल स्कूल धारचूला ने चौथा और राइंका बगड़ीहाट को चौथा पुरस्कार दिया गया। कुल 16500 रुपये पुरस्कार के रूप में बांटे गए। जूनियर वर्ग में शिक्षक रमेश चंद्र जोशी के निर्देशन में राप्रावि बलुवाकोट के बच्चों का कठपुतली नृत्य विशेष नवाचार से परिपूर्ण था।
जीआईसी बगड़ीहाट की शिक्षिका प्रियंका दताल के नेतृत्व में बच्चों ने हिंदी गीत तेरी मिट्टी में मिल जावा की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों मंत्रमुग्ध कर दिया। शंकर दत्त भट्ट, नारायण सोराड़ी और चारू चंद्र उपाध्याय ने निर्णायक की भूमिका निभाई। रात के कार्यक्रम में देवभूमि जनजागरण समिति झूलाघाट की टीम के गायक सुरेश कुमार ने हिर दा हिर दा, मेरी निर्मला समझी रोए जन और नेपाली कॉमेडी से दर्शकों का मनोरंजन किया। रविवार को मेले का औपचारिक समापन हो जाएगा। संचालन लक्ष्मण सिंह बिष्ट, शंकर दत्त भट्ट, करन सिंह थापा ने किया। कार्यक्रम में मेलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, नेपाल के अतिथि मल्लिकार्जुन गांव पालिका के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह धामी, घनश्याम पैंतोला, सुरेंद्र सिंह धामी, हुकुम सिंह धामी, खीमानंद भट्ट, शकुंतला, दताल, जानकी बुर्फाल, व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू आदि थे।