पिथौरागढ़ के जिला पंचायत डाकबंगला परिसर में धमाचौकड़ी मचाते उत्पाती बंदर
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पिथौरागढ़ शहर में मकर संक्रांति पर्व पर सुबह लोगों ने घुघुते खिलाने के लिए काले कौआ-काले कौआ की आवाज लगाई। घुघुते खाने के लिए कौवे तो नहीं आए, लेकिन बंदरों की फौज घुघुतों पर टूट पड़ी।
जिला मुख्यालय में अब कौवे काफी कम दिखाई देते हैं। इसका असर घुघुतिया पर्व पर भी देखा गया। मकर संक्रांति पर्व पर चंडाक रोड का नजारा देखने लायक था। चंडाक रोड स्थित जिला पंचायत परिसर में लोगों ने कौवों के लिए घुघुते बाहर रखे। कौवों को आवाज लगाई। कौवे तो नहीं दिखाई दिए, बंदरों का झुंड घुघुतों पर टूट पड़ा। लोग बंदरों को भगाने के लिए गए तो कटखने बंदर लोगों को काटने के लिए दौड़ पड़े।
उन्होंने कौवों के लिए रखे घुघुते चट कर दिए। अस्कोट, नाचनी क्षेत्र में भी कौवों की जगह बंदरों ने ही घुघुते खाए। जिलेभर में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। कौवों की कम होती संख्या के पीछे मोबाइल टावरों से होने वाले रेडिएशन को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। जानकार बताते हैं कि रेडिएशन के कारण अन्य पक्षियों के साथ ही कौवे भी मारे जा रहे हैं।