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महाकाली की खुली सीमा से कैसे रुकेगा कोरोना

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झूलाघाट के गेठीगाड़ा में ट्यूब से नदी पार करता व्यक्ति। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। झूलापुलों पर तो स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है परंतु महाकाली नदी के किनारे खुली सीमा पर अवैध तरीके से आने वाले लोगों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में खुली सीमा से कोरोना से संक्रमित मरीज आसानी से भारत में प्रवेश कर सकता है।
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चीन और नेपाल से लगी सीमा के जरिये महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस के भारत में आने की संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने झूलापुलों पर टीम तैनात की है। सीमा पर आवागमन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। भारत आने के लिए महाकाली के किनारे लंबी खुली सीमा है। इन खुली सीमाओं पर एसएसबी के बार्डर एरिया चेकपोस्ट के साथ ही नियमित पेट्रोलिंग भी होती है। नदी के किनारे खर्कतड़ी, अमतड़ी, तालेश्वर में ट्यूब के जरिये और कानड़ी, सीमू, बलतड़ी, तड़ीगांव में तैरकर लोग आवागमन करते हैं। साथ ही हल्दू और बलार से भी सीमा को आरपार किया जाता है। सीमा पर एसएसबी का तालेश्वर, ध्याड़, जमतड़ी और सप्तड़ी में बीओपी है जो नदी से सात से आठ किमी की दूरी पर है। पिथौरागढ़ के सीएमओ डॉ. ऊषा गुंज्याल का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम को आपसी तालमेल के साथ सीमा पार से आने वाले लोगों की जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
जल्द ही डाक्टरों की तैनाती की जाएगी
झूलाघाट। कोरोना वायरस को लेकर अल्मोड़ा से आए दो डाक्टरों को झूलापुल पर तैनात किया था लेकिन तीन फरवरी को दोनों लौट गए हैं। डॉ. सचिन प्रकाश ने बताया कि देहरादून में संविदा डाक्टरों के साक्षात्कार चल रहे हैं। जल्द ही डाक्टरों की तैनाती की जाएगी। अभी अस्पताल के दो डाक्टरों को झूलापुल पर तैनात किया गया है।
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