मल्लीगोल गांव में पानी ढोकर लाती महिलाएं
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गोल गांव में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। मल्ली गोल के लिए अब तक कोई पेयजल योजना नहीं बनी है, जबकि तल्ली गोल में पहले से बनी पेयजल योजना के जीर्णोद्धार के लिए शासन से पांच लाख रुपये मिल गए हैं। इस राशि के उपयोग को लेकर गोल गांव में हुई ग्रामीणों की बैठक में कहा गया कि मल्ली गोल के लिए नई पेयजल योजना स्वीकृत कराने के लिए सरकार से आग्रह किया जाएगा।
मल्ली गोल गांव में 120 परिवार रहते हैं। गांव के लोगों को गर्मियों में डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ता है। गांव की तुलसी देवी ने बताया कि गर्मियों में सारा समय पेयजल की व्यवस्था करने में ही बीत जाता है। मल्ली गोल गांव के लोग लंबे समय से पेयजल योजना की मांग कर रहे हैं। गांव में अनुसूचित जाति के परिवारों की संख्या ज्यादा है। इधर, शासन ने स्वजल परियोजना के तहत तल्ली गोल गांव के लिए पांच लाख रुपये की मंजूरी कर दी। इस राशि से जलाती-तल्लीगोल पेयजल योजना का जीर्णोद्धार होगा। मल्ली गोल गांव के लोगों ने इस मामले में आपत्ति कर दी और कहा कि इस राशि का उपयोग मल्ली गोल के लिए नई पेयजल योजना बनाने में किया जाए।
रविवार को ग्राम प्रधान हयात सिंह खाती की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि जो धनराशि जिस गांव के लिए मंजूर है उसका उपयोग उसी गांव में किया जाएगा। मल्ली गोल गांव के लिए नई पेयजल योजना मंजूर कराई जाएगी और शासन से इसके लिए धन की मांग की जाएगी। इस पर सहमति बन गई है। फिलहाल मल्ली गोल गांव के लोगों को पेयजल का संकट झेलना होगा। बैठक में दीपा खड़ायत, नेत्र सिंह पांगती, अर्जुन क्वीरियाल, प्रेम चंद, ओंकार कुंवर, सुरेश धर्मशक्तू, बृजेश पाठक, दुर्गा सिंह, हरी चंद, जगत सिंह, वेदप्रकाश, केजी पंत, केसी जोशी आदि लोग थे।