जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले एक पिता को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता गंगा सिंह बाफिला और कालू राम ने बताया कि पिथौरागढ़ तहसील के मूनाकोट विकासखंड के अंतर्गत एक गांव में एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के गुप्तांग से छेड़छाड़ की। मां को जब इसका पता चला तो उसने अपने पति के खिलाफ 26 जुलाई 2014 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 376 (2), पॉस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया। बाद में यह मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष में पीड़िता की माता, पीड़िता का इलाज करने वाले डॉक्टर, विवेचना करने वाले पुलिसकर्मी समेत कई लोगों को गवाह के तौर पर अदालत में पेश किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने बृहस्पतिवार को आरोपी पिता को दस वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।