कोट अमोड़ी गांव के रेवाधर भट्ट (67) ने फौज में सीमा पर कई बार बहादुरी से दुश्मनों का मुकाबला किया, लेकिन अब इस बहादुर की आंखें नम हैं। कोतवाली और बैंक के कई चक्कर वे बुधवार से अब तक लगा चुके हैं। उनसे मिन्नत कर रहे हैं। 29 और 30 सितंबर को कुछ शातिरों ने एटीएम की डिटेल फोन से लेकर उनके खाते से 90 हजार रुपये निकाल लिए। ये रकम उनकी कुल जमा पूंजी है। परिवार में मायूसी का आलम इस कदर गहराया कि बुधवार से घर का चूल्हा नहीं जला।
पूर्व फौजी को इस रकम से मकान बनाना था, जिसके लिए पत्थर भी एकत्र कर लिया था, मगर श्राद्ध होने से उन्होंने मकान का काम नवरात्र 13 अक्तूबर से शुरू करना था। इस वक्त ये परिवार झोपड़ी में रहता है। श्री भट्ट ने बताया कि अब मकान का काम तो शुरू नहीं हो सकेगा, उल्टा घर की गुजर-बसर का संकट बढ़ गया है। एक बेटी के हाथ भी पीले करने की जिम्मेदारी है। परिवार में दो बेटे, एक बेटी, नाती-पोती कुल मिलाकर 8 लोग हैं। परिवार में किसी ओर के रोजगार में नहीं होने से कोई और सहारा नहीं है। पूरे परिवार का खाना-खर्चा बुजुर्ग भट्ट के कंधों पर हैं।
90 हजार से हुई है ऑनलाइन शॉपिंग
29 और 30 सितंबर को रेवाधर भट्ट के खाते से ऑनलाइन शॉपिंग हुई है। पुलिस और बैंक की पड़ताल में ये खुलासा हुआ। एसबीआई चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक ब्रह्मानंद निगम ने डिटेल के आधार पर बताया कि महाराष्ट्र से नौ बार दस-दस हजार की ऑनलाइन शॉपिंग हुई है। वहीं जांच अधिकारी दरोगा अनुराग सिंह ने सर्विलांस की मदद से मामले का क्लू पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को बैंक से भी जरूरी जानकारी हासिल की।