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धारचूला में व्यापारी ने कनपटी पर गोली मार खुदकुशी की

Sun, 19 Nov 2017 10:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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व्यापारी कुंजन सिंह - फोटो : अमर उजाला
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डाकबंगला मार्ग पर दुकान चलाने वाले 48 वर्षीय व्यापारी कुंजन सिंह पुत्र रामजीत सिंह गर्ब्याल ने शनिवार रात पिस्तौल से अपनी कनपटी में गोली मारकर जीवनलीला समाप्त कर ली। उसने इससे पहले घर के सभी कमरों में बाहर से कुंडी चढ़ा दी और अपने कमरे को अंदर से बंद कर दिया था। पुलिस ने रात में ही दरवाजा तोड़कर व्यापारी के शव को कब्जे में ले लिया।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार व्यापारी कुंजन का परिवार यहां कुटियालखेड़ा में रहता है। शनिवार रात खाना खाने के बाद कुंजन सिंह की पत्नी पार्वती देवी और साली हंसा एक कमरे में सो गईं, जबकि बेटा राहुल दूसरे कमरे में था। कुंजन सिंह ने सभी दरवाजों को बाहर से कुंडा लगाया और अपने कमरे में जाकर रात करीब 11 बजे अपनी कनपटी पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनते ही परिवार के लोग जाग गए। दरवाजों में बाहर से कुंडी लगी होने के कारण कुंजन की साली खिड़की के रास्ते बाहर के कमरे में आई। परिवार के सदस्यों ने कुंजन का कमरा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था। सूचना देने के बाद उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह अधिकारी के नेतृत्व में रात करीब 11.30 बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। तब तक कुंजन की मौत हो गई थी।

बताया गया कि कुंजन का धारचूला में बड़ा व्यवसाय था। उसकी छोटी बेटी भूमिका और बेटा पारस पढ़ाई के लिए बाहर गए हैं। बड़ा बेटा राहुल उनके साथ व्यवसाय में हाथ बंटाता है। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग सन्न रह गए। परिवार के लोगों के अनुसार कुंजन सिंह किसी प्रकार के तनाव और परेशानी में नहीं थे, फिर भी उन्होंने इतना बड़ा क्यों उठाया, यह समझ से परे है। पुलिस ने बताया कि परिवार के किसी भी सदस्य ने इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है फिर भी पुलिस अपने स्तर से छानबीन करेगी। पुलिस ने शव को रात में ही थाने में रख दिया। रविवार को जिला मुख्यालय से यहां पहुंचे डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
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कुंजन को रामजीत ने लिया था गोद
कुंजन सिंह मूल रूप से कहां के थे, यह किसी को पता नहीं है। लोगों का कहना है कि रामजीत सिंह गर्ब्याल की अपनी कोई संतान नहीं थी। इस कारण उन्होंने कुंजन सिंह को तब गोद ले लिया था, जब वह मात्र पांच साल के थे। उन्होंने ही कुंजन को पाला और उनका विवाह ही नहीं कराया बल्कि उनको अपनी संपत्ति का वारिस भी बनाया। रामजीत का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया। रामजीत ने कभी भी किसी को यह नहीं बताया कि कुंजन कहां का रहने वाला है। इस रहस्य पर आज लोगों में खासी चर्चा रही। रामजीत सिंह मूल रूप से धारचूला तहसील के गर्ब्यांग के निवासी थे। वह व्यवसाय के लिए धारचूला आकर बस गए और कुटियालखेड़ा में मकान बना लिया था।
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