गोरी नदी से खनन सामग्री भरते वाहन
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बंगापानी तहसील के भदेली और मदकोट से बंगापानी के बीच गोरी नदी पर जबर्दस्त तरीके से अवैध खनन किया जा रहा है। अगर यह खनन इसी तरह होता रहा तो बरसात में नदी का रुख पलट सकता है और कई इलाकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
गोरी नदी से खुलेआम उप खनिजों का चुगान किया जा रहा है। नदी से रेता के साथ ही रोड़ी, पत्थर ले जाए जा रहे हैं। नदी से इस तरह उप खनिजों के चुगान से आपदा को आमंत्रण मिलता है। वर्ष 2013 के जलप्रलय में अवैध खनन के कारण नदियों का रुख आबादी की ओर पलटा था और काफी तबाही हुई थी। उक्त क्षेत्र में सरकार द्वारा खनन पट्टा जारी नहीं किया गया है, बावजूद इसके नियमों को ताख पर रखकर धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
मदकोट स्थित पुलिस चौकी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रियांशु जोशी का कहना है कि मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर पुलों, दीवारों के निर्माण के लिए प्रशासन ने बीआरओ को खनन की अनुमति दे रखी है। जहां तक अवैध खनन का सवाल है, खनन माफिया द्वारा नदी तक बनाई गई सड़क को कई बार तोड़ा गया है। खनन पर लगातार निगरानी की जा रही है, अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।