तहसील प्रशासन की ओर से आवंटित कैंटीन और स्टेशनरी की दुकान में मंगलवार रात एक सिरफिरे ने सनक में आकर आग लगा दी, जिससे लाखों रुपये का सामान जल गया। पीड़ित की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आग ने रात में इतना विकराल रूप धारण कर लिया था कि सेना की कुमाऊं स्काउट्स को मदद के लिए बुलाना पड़ा। आसपास के लोग और सेना के जवान बुधवार की सुबह चार बजे तक आग बुझाने में लगे रहे।
नगर में तहसील परिसर में तहसील प्रशासन ने देवकृष्ण फकलियाल को कैंटीन आवंटित की है। देवकृष्ण कैंटीन के साथ साथ स्टेशनरी की दुकान भी चलाते हैं। देवकृष्ण की ओर से थाने में लिखाई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार की शाम सात बजे स्थानीय युवक हरेंद्र राम मर्तोलिया में आया और कुछ सामान खरीदकर बिना पैसा दिए वहां से जाने लगा। दुकान में उस समय काम कर रहे कर्मचारी आन सिंह काला ने जब हरेंद्र से पैसा देने के लिए कहा तो वह उल्टा मारपीट पर उतर आया। जाते समय वह जान से मारने और दुकान में आग लगाने की धमकी देकर भाग गया। थोड़ी देर में कर्मचारी आन सिंह दुकान बंद कर अपने कमरे में चले गया, लेकिन उसे हरेंद्र की ओर से दी गई धमकी और होली का माहौल होने के कारण आशंका हुई। वह रात 10:30 बजे दुकान को देखने आ गया।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि जब आन सिंह दुकान के पास पहुंचा तो हरेंद्र उस समय दुकान के दरवाजे के पास बैठकर आग लगा रहा था। आन सिंह ने हल्ला मचाया, तब तक हरेंद्र सिनेमा लाइन की तरफ भाग गया। इतने में दुकान में आग भड़क गई। आग से दुकान में रखी फोटो स्टेट मशीन, कंप्यूटर, प्रिंटिंग मशीन, जेनरेटर, कलर प्रिंटर, कलर फोटो स्टेट मशीन, फ्रिज, स्टेशनरी का सारा सामान, देवकृष्ण फकलियाल और उनके परिजनों के सारे प्रमाणपत्र, प्रमाण पत्र, एलआईसी के बांड, आधार कार्ड आदि जल गए। सूचना पर तहसीलदार आईबी मल्ल, थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज, पटवारी हुकुम धामी, तहसील का समस्त स्टाफ मौके पर पहुंचा। सूचना मिलते ही सेना की कुमाऊं स्काउट्स के दो जेसीओ, 24 जवान मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह चार बजे आग पर काबू पाया गया।
उधर, थानाध्यक्ष ने शीघ्र दबिश देकर आरोपी को भागने से पहले ही घर में ही दबोच लिया। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि दुकान में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई गई थी। रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा व्यापारियों के साथ थाने पहुंचे और प्रशासन से व्यापारी को उचित मुआवजा देने की मांग की।