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कैंटर के ब्रेक फेल, एक की मौत

Thu, 22 Feb 2018 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में दुर्घटनाग्रस्त कैंटर और अन्य वाहन - फोटो : अमर उजाला
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धारचूला रोड पर बीआरओ मोड़ के पास सब्जी से भरे एक कैंटर के ब्रेक फेल हो गए। इस पर बेकाबू हुआ कैंटर एक राहगीर नेपाली श्रमिक को टक्कर मारता हुआ सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन से जा टकराया। हादसे में श्रमिक की मौत हो गई। टक्कर के बाद कैंटर और पिकअप वाहन सड़क पर पलट गए। इससे सड़क पर जाम लग गया। डेढ़ घंटा जाम में स्कूल बस समेत कई यात्री वाहन फंसे रहे। दुर्घटनाग्रस्त कैंटर धारचूला सेना को सब्जी आपूर्ति के लिए जा रहा था।

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बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे सब्जी से भरा कैंटर (यूके 04 सीए 3048) पिथौरागढ़ से धारचूला के लिए रवाना हुआ। सिल्थाम तिराहे से धारचूला रोड की ढलान पर उतरते वक्त वाहन के ब्रेक फेल हो गए और वह बेकाबू हो गया। इस बीच कैंटर की चपेट में आने से नेपाल के जिला बैतड़ी, वार्ड चार निवासी कृष्णा चंद पुत्र मणि चंद की मौत हो गई। इसके बाद कैंटर बीआरओ गेट के पास सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन (यूके 05 सीए 0405) से टकराया और दोनों वाहन बीच सड़क पर पलट गए। इससे वहां जाम लग गया। आसपास मौजूद लोगों ने कैंटर में फंसे चालक प्रदीप गिरी और क्लीनर प्रकाश को बाहर निकाला। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया। जाम खुलवाने में यातायात पुलिस को डेढ़ घंटा मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान स्कूल की आठ बसों के अलावा बड़ी संख्या में यात्री वाहन जाम में फंसे रहे। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई।

इधर, एसएसआई हेम चंद्र पंत ने बताया कि कृष्णा चंद यहां रई में दिनेश चंद्र के मकान में किराए पर रहता था और मजदूरी करता था। उसके परिजनों से संपर्क की कोशिश की जा रही है। कैंटर चालक को एहतियातन हिरासत में ले लिया है। चालक और क्लीनर को आंशिक चोट आई है।
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सड़क किनारे बैठे लोग बचे
दुर्घटनास्थल के पास ही एक जनरल स्टोर और ढाबा है। दुर्घटना के वक्त इन दुकानों के पास छह-सात लोग मौजूद थे। कुछ दुकान में खरीदारी कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कैंटर सड़क के दूसरी ओर पहाड़ी से रगड़ते हुए खड़े पिकअप वाहन से टकराया। टक्कर के बाद पिकअप वाहन हवा में उछलते हुए दुकान के बाहर मौजूद लोगों से महज दो फुट दूर पर गिरा। कैंटर या पिकअप वाहन का रुख दुकान, ढाबे की ओर होता तो कई लोग दुर्घटना का शिकार हो सकते थे।

सेना को दूसरे वाहन से भेजी सब्जियां
दुर्घटना के बाद कैंटर में लदे आलू आदि सब्जियों के बोरे सड़क पर बिखर गए। क्रेन से कैंटर को किनारे करने के साथ ही सब्जियों को उठाकर दूसरे वाहन पर लोड किया गया। इसके बाद दूसरे वाहन से सब्जियों को धारचूला सेना के लिए रवाना किया गया।

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