पिथौरागढ़। तेंदुए की खाल तस्करी के एक मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपी को पांच साल की कैद के साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार 28 सितंबर 2017 को एसओजी प्रभारी प्रकाश सिंह मेहरा, कांस्टेबल राजकुमार, अशोक सिंह, अनिल मर्तोलिया, मनमोहन भंडारी गश्त में थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति अड़किनी रोड से वड्डा की ओर तेंदुए की खाल लेकर आ रहा है। एसओजी ने वन क्षेत्राधिकारी दिनेश जोशी और जाजरदेवल थाना पुलिस को इस बारे में सूचना दी। पुलिस और वन विभाग की टीम वड्डा रोड की ओर चल दिए। मुखबिर की निशानदेही पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने एक व्यक्ति की तलाशी ली। उसके कब्जे से तेंदुए की तीन खाल बरामद हुई। उसने अपना नाम त्रिलोक सिंह बिष्ट निवासी जायल, पोस्ट पंथ्यूड़ी (झूलाघाट) बताया। पुलिस ने त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने बताया है कि मामले की विवेचना वन विभाग के एसडीओ मुरली मनोहर भट्ट और एसडीओ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने की। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश जोशी ने मामले का परिवाद न्यायालय में पेश किया। मामले में कई गवाह अदालत में पेश किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर तोमर की अदालत ने आरोप सही पाते हुए शनिवार को न्यायालय ने आरोपी को पांच साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया