पिथौरागढ़। धारचूला विकासखंड के बलुवाकोट ग्राम पंचायत में विकास योजनाओं में घपलेबाजी हुई है। जांच में 1.75 लाख की लागत से जलधारा और चेकडैम का निर्माण न करने की पुष्टि हुई है। जांच अधिकारी ने वसूली की संस्तुति की है।
बलुवाकोट के परिवर्तन संगठन ने ग्राम पंचायत में हुई घपलेबाजी का मामला छह महीने पहले डीएम और सीडीओ के सामने उठाया था। सीडीओ के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी को जांच अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने मई में तकनीकी टीम के साथ विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच अधिकारी ने सीडीओ को सौंपी विस्तृत जांच रिपोर्ट में कहा है कि बलुवाकोट ग्राम पंचायत के तातापानी में 12वें वित्त मद से एक लाख रुपये की लागत से जलधारे का निर्माण करना था, लेकिन निर्माण नहीं किया गया। उन्होंने संबंधित से रकम की वसूली करने की संस्तुति की है।
गांव में 75000 रुपये की लागत से बनने वाले चेकडैम भी कागजों में मिले। गांव के हरी सिंह की जमीन पर चेकडैम बनानेे में 75000 रुपये की धनराशि खर्च होनी दिखाई गई है, लेकिन भूमि स्वामी ने बताया कि उन्होंने अपनी रकम से चेकडैम का निर्माण किया है। जांच अधिकारी ने उक्त रकम की वसूली करने की संस्तुति की है। कई अन्य कामों की तकनीकी जांच होने की बात जांच रिपोर्ट में कही गई है।
फर्जी मजदूर दिखाने की भी पुष्टि
पिथौरागढ़। जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि नगतड़ बस्ती में पेयजल विस्तार योजना में गांव के लोगों को फर्जी तरीके से मजदूर दिखाने की पुष्टि हुई है। जिन लोगों ने मजदूरी ही नहीं की, उन्हें मजदूर दिखा दिया गया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव के पुष्कर सिंह पुत्र नैन सिंह, त्रिलोक सिंह पुत्र विजय सिंह, मीना देवी पत्नी रमेश सिंह, रीता देवी पत्नी पुष्कर सिंह के नाम फर्जी पाए गए। इन लोगों को मजदूर दिखाया गया है, लेकिन इन लोगों ने विकास योजनाओं में कभी भी मजदूरी नहीं की।
बलुवाकोट में कुछ विकास कार्यों में अनियमितता की पुष्टि हुई है। इंजीनियरों से तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। एक सप्ताह अथवा दस दिन के भीतर इस मामले में संबंधितों से वसूली और कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। -वंदना, मुख्य विकास अधिकारी, पिथौरागढ़