पिथौरागढ़। लापता पुजारी का शव 34 दिन बाद मंदिर से करीब 500 मीटर दूर पहाड़ी पर अटका मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाद में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
ग्राम पंचायत रयांसी के लांगड़ी निवासी भैरव दत्त जोशी (65) 14 अक्तूबर को पूजा करने सिलौनी स्थित चौमू देवता के मंदिर में गए थे। इसके बाद उनका कहीं कोई पता नहीं चला। एसपी आरसी राजगुरु की मौजूदगी में पुलिस ने सिलौनी के जंगल में सर्च अभियान भी चलाया। बावजूद इसके पुजारी का कहीं पता नहीं चला। परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन जारी रखी।
शनिवार को ग्रामीणों ने खोजबीन की तो महिलाओं ने दोपहर ढाई बजे पुजारी भैरव दत्त का शव मंदिर से काफी नीचे एक खाई पर देखा। शव सिर के बल पड़ा था। शव में कीड़े भी पड़ गए थे। जाजरदेवल के थानाध्यक्ष केसी आर्य ने बताया कि पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ भिजवाया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुजारी की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
तो देवडांगर ने सुझाया रास्ता
पिथौरागढ़। सिलौनी के मंदिर में पूजा करने गए भैरव दत्त जोशी 34 दिनों से लापता थे। वड्डा चौकी में उनकी गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश में काफी सर्च अभियान चलाया। यहां तक कि स्वयं एसपी भी सर्च अभियान में उतरे। सिलौनी में घना जंगल होने के चलते पुजारी का कोई पता नहीं चल पाया। बाद में पुलिस ने भी हाथ खड़े कर दिया। रयांसी के प्रधान टाइगर खड़ायत ने बताया कि पुजारी के लापता होने के बाद परिजन देव डांगरों से लगातार पूछ कर रहे थे। शनिवार को एक देव डांगर ने उन्हें मंदिर के रास्ते पर जाने की सलाह दी। महिलाएं जब पुजारी को खोजते हुए मंदिर से खाई की ओर बढ़ीं तो उन्हें वहां शव दिखाई दिया। आशंका है कि रास्ते पर पांव फिसलने से वह गिर गए। जंगल का रास्ता होने के चलते उन्हें कोई मदद नहीं मिल पाई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।