पिथौरागढ़। जिलाधिकारी रीना जोशी ने जलागम कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का डाटाबेस बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जल स्रोत, धारों के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्य वन विभाग, जलागम के अधिकारी आपसी समन्वय से करें। उप परियोजना निदेशक जलागम अनिल कुमार टम्टा ने बताया कि चिन्हित जल स्रोत, धारों के निचले हिस्सों का ही उपचार किया जा रहा है। इनके रिचार्ज क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आते हैं। इस पर डीएम ने दोनों विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाते हुए संपूर्ण जलस्रोत, धारों का कायाकल्प करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलागम परियोजना क्षेत्र विण, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग ब्लॉक में कृषि, पशुपालन, उद्यान, सिंचाई आदि से संबंधित जो भी कार्य किए जा रहे हैं उनका ब्यौरा संबंधित विभागों को भी नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पाॅली हाउस निर्माण पर अधिक जोर देने को कहा।
उप परियोजना निदेशक टम्टा ने बताया कि जलागम परियोजना वर्ष 2025-26 तक चलेगी। तीनों विकास खंडों में कुल 22 हजार 150 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। बैठक में सीडीओ वरुण चौधरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्वाला प्रसाद, मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा, डॉ. पंकज जोशी, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई अभिषेक खोलिया आदि मौजूद रहे।
बाक्स
आजीविका सुधार के हो रहे कार्य
पिथौरागढ़। उप परियोजना निदेशक जलागम अनिल कुमार टम्टा ने बताया कि उत्पादन प्रणाली के तहत किसानों को कृषि, औद्यानिकी के बीज, फलों के पौध, पॉलीहाउस आदि कार्य किए जा रहे हैं। स्वरोजगार के लिए एक परिवार को 25 हजार और पांच लोगों के समूह को एक लाख रुपये दिये जा रहे हैं। संवाद