मां पूर्णागिरि मेले की तैयारी को लेकर बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा करते व्यवस्थाओं से जुड़े विभागों के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ का काउंट डाउन शुरू हो गया है। ठीक पांच दिन बाद यानि होली के अगले दिन से सरकारी मेला शुरू हो जाएगा। सोमवार को एसडीएम दयानंद सरस्वती ने व्यवस्थाओं से जुड़े विभाग के अधिकारियों और संस्था-संगठनों के लोगों की बैठक लेकर मेले की तैयारी की समीक्षा कर तीन दिन के अंदर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
तहसील सभागार में हुई बैठक में तय हुआ है कि कोई भी टैक्सी वाहन रेलवे स्टेशन की ओर नहीं जाएगा। चार्टर्ड बसों और अन्य वाहनों का पार्किंग स्थल शारदा घाट और मस्जिद के नीचे होगा। पूर्णागिरि मार्ग पर संचालित टैक्सी वाहन पुरानी पानी की टंकी से संचालित होंगी, जबकि बसें गांधी मैदान से चलेंगी। बस और टैक्सी वाहनों का रूट टैक्सी स्टैंड से कोतवाली मार्ग से होगा। भारी वाहन बूम में तो छोटे वाहन ठुलीगाड़ और भैरव मंदिर पार्किंग स्थल पर खड़े होंगे। वाहनों के लिए ठुलीगाड़ बैरियर सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक खुला रहेगा। शारदा बैराज के समीप और सड़क किनारे कोई दुकानें नहीं लगेंगी। बाल मुंडन और वाहन पार्किंग शुल्क की वसूली पर संबंधित विभाग और पुलिस निगरानी रखेगी। एसडीएम ने लोनिवि को 24 घंटे के अंदर सभी जरूरी स्थानों पर गति अवरोधक बनाने के निर्देश दिए हैं। टैक्सी चालकों और मालिकों को आगह किया गया है कि यात्रियों से निर्धारित किराए से वसूलने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक में ये लोग थे मौजूद
तहसीलदार खुशबू पांडेय, सीओ नरेश चंद, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह, जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी, एआरटीओ रश्मि भट्ट, जेई नगर पालिका लक्ष्मण सिंह, वन दरोगा रमेश सिंह, मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विनोद बिष्ट, खुफिया विभाग के एएसआईओ बीसी भट्ट आदि।
स्नानघाट क्षेत्र में बनने लगी हैं अस्थायी दुकानें
टनकपुर। पूर्णागिरि मेले के लिए व्यापारियों ने भी शारदा स्नानघाट क्षेत्र में अस्थायी दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया है। प्रशासन और नगर पालिका की सहमति पर घाट क्षेत्र के स्थानीय व्यापारी नदी तट पर कच्ची दुकानों के निर्माण में जुट गए हैं। गौरतलब है कि मेला अवधि में स्थानीय गरीब परिवारों द्वारा स्नानघाट क्षेत्र में अस्थायी दुकानें लगाकर रोजी-रोटी चलाते हैं। ब्यूरो