झूलाघाट में पीड़ित परिवार को ढांढस बजाने पहुंची तहसीलदार। संवाद
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। काली नदी में बहे पिता संतोष और पुत्र तनुज का कहीं कोई पता नहीं चला है। शुक्रवार को दोनों बकरी चराने गए थे, जहां पर दोनों पत्थर की चपेट में आने से काली नदी में जा गिरे थे। शनिवार को एसडीआरएफ, तहसील प्रशासन ने झूलाघाट निवासी संतोष चंद (44), बेटे तनुज (6) को काली नदी किनारे कई किमी तक खोजा, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला।
शनिवार को तहसीलदार पिंकी आर्या ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। घटना के बाद से पत्नी लीलावती (35) और माता कमला, बेटी रितिका, भाई मन्नू, बहन कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को राजस्व निरीक्षक नवीन चंद्र पांडेय, राजस्व उपनिरीक्षक मूनाकोट मनोज मेहता, मजिरकांडा हुकुम सिंह धामी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। एसडीआरएफ ने थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र जोशी, मनोहर लाल, रविंद्र, प्रविंदर राणा ने श्मशान घाट स्थल, कानड़ी, सिमू, सपतड़ी, बलतड़ी तक काली नदी किनारे सर्च अभियान चलाया। ग्राम प्रधान मजिरकांडा किरन भट्ट, सरपंच चंद्रशेखर भट्ट, मूनाकोट मंडल अध्यक्ष संजीव जोशी, व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राधिका चंद, जिला पंचायत सदस्य निर्मला महर ने प्रशासन और सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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