लोदियाथल के लोग प्रदर्शन करते हुए
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21 दिन से बंद थल-लोधियाथल सड़क को खोलने में रुचि न दिखाने से भड़के प्रभावितों ने लोनिवि के खिलाफ बंद सड़क पर प्रदर्शन किया। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी।
लोगों का कहना था कि एक जुलाई को हुई अतिवृष्टि में सड़क पर मलबा आ गया था। सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन 21 दिन बीतने के बाद भी विभाग ने सड़क नहीं खाली। सड़क बंद होने से लोग परेशान हैं। लोगों को मुख्य सड़क तक आने के लिए कई किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल लीला देवी, कौशल्या देवी, गिरीश राम, खड़क राम, हिमांशु कुमार ने लोनिवि पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सड़क बंद होने से इलाके की सारी गतिविधियां ठप हो गई हैं। जिला प्रशासन, सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
तीन घंटे तक बंद रहा मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। घिंघरानी और मोरी के पास मलबा गिरने से मुनस्यारी से मदकोट होते हुए जौलजीबी तक जाने वाली सड़क पर बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे से तीन घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। सीमा सड़क संगठन के मजदूरों ने सुबह आठ बजे तक मलबा हटाया, तब वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग चौड़ीकरण के कारण कई स्थानों पर खतरनाक हालत में पहुंचा है। दरकोट के पास सड़क पर कीचड़ में अक्सर वाहन फंस जाते हैं। घिंघरानी के पास नया स्लाइड जोन विकसित हो रहा है। इस स्थान पर अक्सर मलबा गिरने से रोड बंद हो जाती है। आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सुबह रोड पर मलबा गिरने से आवाजाही बंद हो गई। मुनस्यारी-थल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे लोगों को आवागमन में ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। जौलजीबी से मुनस्यारी जाने वालों को अक्सर रोड बंद होने के कारण परेशान होना पड़ रहा है। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने बीआरओ के अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर मलबा गिरने का खतरा है, वहां पर नियमित जेसीबी लगाई जाए।
मुनस्यारी तहसील की यह सड़कें बंद
मसूरीकांठा से होकरा
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