धारचूला (पिथौरागढ़)। झूलापुल से मंगलवार को लौटाए गए नेपाल के युवक की जांच में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। उसे पेट से संबंधित बीमारी का मरीज बताया गया है।
नेपाल के सुनसेरा निवासी रमेश सिंह को मंगलवार को झूलापुल से एसएसबी और मेडिकल टीम ने वापस कर दिया था। वह काठमांडू से भारत के रास्ते अपने घर जा रहा था। रमेश सिंह बुधवार को नेपाल के दार्चुला जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद रमेश को पेट से संबंधित बीमारी होने की बात बताई। अस्पताल से अपराह्न तीन बजे बाद उसे छुट्टी दे दी गई। रमेश को झूलापुल से लौटाने के बाद क्षेत्र और सोशल मीडिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज पाए जाने की अफवाह जोरों पर थी। संयुक्त चिकित्सालय धारचूला के प्रभारी डॉ. एमके जायसवाल ने लोगों से अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है।
सीमा पर 220 लोगों की जांच
धारचूला। अल्मोड़ा से स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. लक्ष्य, डॉ. आतिश टम्टा, डॉ. पूरन थलाल, फार्मासिस्ट गजेंद्र भोगिया, पंकज कुमार और सुंदर बोनाल ने 110 लोगों की थर्मामीटर से जांच की। बलुवाकोट झूलापुल में डॉ. राकेश खाती, फार्मासिस्ट भुवन चंद भट्ट की टीम ने 50 और जौलजीबी में डॉ. रमेश गर्ब्याल, फार्मासिस्ट दीपक भट्ट की टीम ने 60 लोगों का परीक्षण कर कोरोना वाइरस की जानकारी दी। कोरोना वायरस के चलते अब तक तीनों झूलापुलों पर दोनों देशों से आवाजाही कर रहे तीन हजार से ज्यादा लोगों का परीक्षण कर जानकारी दी गई है।
धारचूला में चलाएं जागरूकता अभियान
पिथौरागढ़। पैयापौड़ी के जिला पंचायत सदस्य जीवन ठाकुर ने अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल से मुलाकात कर कोरोना वायरस के प्रति धारचूला में जन जागरूकता अभियान चलाने का अनुुरोध किया है। उन्होंने क्षेत्र में प्रशासन की ओर से मास्क वितरण करने और अस्पताल में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
एसडीएम से मिले रं कल्याण संस्था के पदाधिकारी
धारचूला। सोशल मीडिया में धारचूला में कोरोना के संदिग्ध मरीज की अफवाह उड़ने से पूरा सीमांत सहमा रहा। बुधवार को रं कल्याण संस्था के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर जांच के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई। मुलाकात करने वालों में अध्यक्ष डीके फकलियाल, नंदा बिष्ट, उर्मिला सनवाल, लक्ष्मी, शीला ह्यांकी आदि थे।