वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पिथौरागढ़ और चंपावत के आर्थिक विकास में जिला सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंक केंद्र और राज्य सरकार की किसान कल्याण योजनाओं में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
वित्त मंत्री बृहस्पतिवार को जिला सहकारी बैंक की सामान्य निकाय की 45 वीं वार्षिक बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि भविष्य में भी बैंक जनहित में संचालित योजनाओं को पूर्ण रूप से क्रियान्वित करते हुए विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। बैंक के अध्यक्ष मनोज सामंत ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि बैंक की निजी पूंजी 31 मार्च 2017 को 7412.15 लाख रुपया थी जो 2018 में बढ़कर 7580.33 लाख रुपये हो गई है।
बैंक का ऋण व्यवसाय भी बढ़कर 32021 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। 31 मार्च तक विभिन्न ऋणों की वसूली 40.09 प्रतिशत रही। बैंक का सकल लाभ 491.82 लाख रुपये रहा। सामंत ने बताया कि बैंक की सभी शाखाएं पूर्णत: सीबीएस हैं। बैंक द्वारा पिथौरागढ़ और चंपावत के कृषकों, बुनकरों, किसानों, व्यवसायियों को बैंकिंग उत्पाद सुलभ कराने के प्रयास किए गए हैं। बताया कि बैंक का ऋण जमा अनुपात 45.63 प्रतिशत के स्तर पर है। बैंक के सचिव मुकेश महेश्वरी ने वार्षिक संतुलन पत्र, लाभ हानि खाता प्रस्तुत किया।
2018-19 के लिए बैंक का अधिकतम दायित्व 113704.92 लाख रुपया निश्चित किया गया है। संचालन अनुभाग अधिकारी पीयूष पंत ने किया। बैठक में बैंक उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रौतेला, संचालक वीरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, धर्म सिंह, जगदीश राम, उमेश महर, पूरन सिंह, उत्तम गिरी, देवेंद्र प्रताप, होशियार लुंठी, निर्मला गहतोड़ी, जिला सहायक निबंधक मनोज कुमार पुनेठा, बैंक के उप महाप्रबंधक जीवन चंद्र पंत, नाबार्ड के राकेश राणा, मधुवन कुमार पांगती आदि मौजूद रहे।