बनबसा/खटीमा (चंपावत)। चेक बाउंस होने पर बनबसा के एक व्यापारी की शिकायत पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) खटीमा ने दोषी को 350000 रुपये के अर्थदंड के अलावा एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
बनबसा के व्यवसायी धूप चंद ने खटीमा के व्यवसायी हैदर सिद्दकी को व्यवसायी जान-पहचान होने से 27 अक्तूबर 2020 को चेक से 170000 और चार दिसंबर 2022 को 10,0000 के अलावा 30,000 रुपये नकद यानी कुल तीन लाख रुपये उधार दिए थे। मांगने पर उसने 31 दिसंबर 2022 को खटीमा स्थित केनरा बैंक का तीन लाख रुपये का चेक दिया। धूप चंद ने दिनांक नौ मार्च 2023 को अपने बनबसा नैनीताल बैंक खाते में चेक जमा कराया लेकिन बैंक ने 15 मार्च को चेक बिना भुगतान वापस लौटा दिया।
इसके बाद पीड़ित धूप चंद ने आरोपी के खिलाफ एनआई एक्ट के तहत बनबसा थाने में तहरीर दी थी। इस मामले में आरोपी खटीमा वार्ड संख्या छह इस्लामनगर निवासी हैदर सिद्दकी को एक वर्ष का साधारण कारावास की सजा के अलावा अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड की राशि 350000 में से बतौर प्रतिकर परिवादी को 340000 रुपये देने के अलावा 10000 रुपये राजकीय कोष में जमा कराना होगा। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। परिवादी की ओर से पैरवी खटीमा वासी अधिवक्ता रमनदीप सिंह सेठी ने की।