संपर्क मार्ग पर बुधवार सुबह 9.30 बजे जाम लग गया, इस दौरान वाहनों के पहिए एक घंटे तक थमे रहे। इस स्थान से एक रोड डिग्री कॉलेज को, एक कलक्ट्रेट, विकास भवन को और एक रोड कोतवाली होते हुए सिल्थाम को जाती है। तीनों सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए। इनमें सरकारी कर्मचारी, कॉलेज के स्टूडेंट्स, बाजार आने वाले लोग शामिल थे।
अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर भी आफिस जाते समय इस जाम में करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। पुलिस उपनिरीक्षक टीएस राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाम खोलने के लिए काफी मशक्कत की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया गया कि तीनों सड़कों के लिंक में एक ट्रक बीच रोड पर फंस गया था। इस कारण यह जाम लगा। एक के बाद एक वाहनों की संख्या बढ़ती गई और तीनों सड़कों पर करीब 200 मीटर के दायरे में वाहनों की लंबी कतार लग गई।
नगर में सोमवार, बुधवार को खासी भीड़ बढ़ जाती है। हालांकि, पुलिस ने हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही खड़े तो किए हैं, लेकिन वह चौराहे के अलावा आसपास के इलाके में देखने की जरूरत नहीं समझते। संपर्क मार्ग पर भी ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी तो रहती है, लेकिन कुछ दूरी पर एक ट्रक गलत ढंग से रोड में खड़ा हो गया है इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों को नहीं मिल पाई। बाद में लोगों ने एक-एक कर वाहनों को जाम से हटाने का प्रयास किया। एक घंटे बाद इन तीनों सड़कों पर यातायात सामान्य हो पाया। नगर की अन्य सड़कों पर भी अक्सर जाम लगते हैं लेकिन यह थोड़ी देर में खुल जाता है।
जाम की दृष्टि से संवेदनशील सड़कें
नगर में जाम की दृष्टि से सबसे ज्यादा संवेदनशील सड़क बैंक रोड है। उसके बाद कोतवाली से लिंक रोड जाने वाली सड़क पर भी अक्सर जाम लगता है। केएमओयू स्टेशन से विकास भवन जाने वाली सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण भी इसमें जाम लगते हैं। सिल्थाम से रई को जाने वाली सड़क के किनारे हमेशा जीपें खड़ी रहती हैं। इस सड़क पर भी कब जाम लग जाए कहा नहीं जा सकता। बस स्टेशन से कुमौड़ बैंड तक जाने वाली सड़क के किनारे दो पेट्रोल पंप हैं। इनमें भी ज्यादातर मौकों में जाम की नौबत आती है।