गोबराड़ी से चिटगालगांव तक स्वीकृत चार किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 11 वर्ष में भी पूरा न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। सड़क 2004 में मंजूर हो गई थी लेकिन चिटगालगांव से सटे सौगांव और तड़खेत गांव के लोगों के विरोध के चलते सड़क का निर्माण अटका है।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि किसी गांव के लिए सड़क जाएगी तो उसके बीच में पड़ने वाले गांवों की जमीन जरूर कटेगी। विरोध को विकास में बाधक मानते हुए ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग उठाई है। कहा है कि दो चार लोगों के विरोध के कारण 90 परिवारों को यातायात सुविधा से वंचित करना घोर अन्याय है। कहा है कि चिटगालगांव में अनुसूचित जाति के परिवार ज्यादा रहते हैं। इसी कारण स्पेशल कंपोनेंट प्लान में यह सड़क मंजूर हुई है। यदि तत्काल सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो गांव के लोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। इन लोगों ने डीएम से गांव का दौरा कर इस मामले का समाधान निकालने की मांग की है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष नरेश जोशी ने ग्रामीणों की समस्या तत्काल हल करने की मांग की है। प्रदर्शन में गणेश राम, जगदीश राम, बलवीर खोलिया, जोगाराम, पूरन राम, उमेश जोशी, चंद्रप्रकाश, संतोष आर्या, मनोज कुमार, नरेंद्र सिंह, जीवन राम, शंकर राम समेत तमाम लोग थे।