चंपावत। विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां पूर्णागिरि धाम को जोड़ने वाली करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से बन रही रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा हो जाएगा। रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं पांच मिनट में मां पूर्णागिरि धाम दर्शन कर सकेंगे। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।
विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और समय की बचत के उद्देश्य से रोपवे परियोजना की आधारशिला रखी गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण जिम्मेदारी केआर आनंद नई दिल्ली को दी गई है। लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही मां पूर्णागिरि रोपवे परियोजना अत्याधुनिक ट्राई-केबल जिग बैक प्रणाली पर आधारित है। करीब एक किलोमीटर लंबा और 250 मीटर ऊंचाई पर निर्मित होने वाला यह रोपवे दो केबिनों से संचालित होगा।
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मां पूर्णागिरि रोपवे परियोजना अत्याधुनिक ट्राई-केबल जिग बैक प्रणाली पर आधारित है। प्रत्येक केबिन में 60+1 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। परियोजना के संचालन के बाद रोपवे प्रति घंटे 800 श्रद्धालुओं को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे श्रद्धालु महज पांच मिनट में मां पूर्णागिरि धाम पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे।
- मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत