प्रेस वार्ता करते पूर्व विधायक
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कांग्रेसियों ने राफेल डील को मोदी सरकार का महाघोटाला बताया। कहा कि 36 राफेल लड़ाकू जहाजों की खरीद का कांट्रेक्ट रिलायंस डिपेंस लि. को देना और जहाजों की कीमतों में तीन गुना वृद्धि से यह साबित हो रहा है कि यह महाघोटाला है, जिस पर केंद्र सरकार कोई जवाब देने की बजाय कुतर्क कर रही है।
कांग्रेस कार्यालय में रविवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए पार्टी जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह महर और पूर्व विधायक मयूख महर ने कहा कि रिलायंस डिफेंस लि. को लड़ाकू जहाजों के निर्माण का कोई अनुभव नहीं है। कहा कि रिलायंस डिफेंस लि. का गठन फ्रांस में 10 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा 36 राफेल लड़ाकू जहाजों की खरीद की घोषणा करने से 12 दिन पहले किया गया।
इस मामले में रक्षामंत्री का झूठ भी जाहिर हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद मोदी सरकार ने ही रक्षा मंत्रालय के सभी दिशा-निर्देशों की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ा दीं। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर, ब्लॉक प्रमुख विण अंजू लुंठी, कनालीछीना प्रशांत भंडारी आदि थे।