कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और विधायक मयूख महर
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कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं के बीच जुबानी कलह चरम पर पहुंच गई है। एक दिन पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने विधायक मयूख महर को रण छोड़ने वाला कहा था। इसका जवाब विधायक मयूख ने बेहद व्यंग्यात्मक लहजे में दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पर नाम लिए बगैर कहा कि झुमके वाला स्व. प्रकाश पंत का इतना ही मुरीद था तो उसे उनके निधन के बाद प्रत्याशी नहीं उतारना चाहिए था। वह मुझसे रणछोड़ कह रहे हैं। उन्हें जानना चाहिए कि भगवान कृष्ण को रणछोड़ कहा जाता है। इसके जवाब में करन माहरा ने कहा कि सनातन की परंपरा कर्ण भेदन की रही है। लड़के कुंडल जबकि बेटियां झुमके पहनती हैं। जुबानी जंग यही नहीं थमी।
मयूख महर : भगवान कृष्ण ने जिस तरह सारथी बनकर पांडवों को युद्ध में विजयी बनाया, उसी तरह वह भी अपने दम पर निर्दलीय प्रत्याशी को जीत दिलाएंगे। झुमके वाले को शायद यह बात पता नहीं है।
करन माहरा : वह खुद को भगवान कृष्ण बता रहे हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि उनके सामने भी कुंडल वाला कर्ण खड़ा है। कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाला आज खुद ही उसी पार्टी का विरोध कर रहा है। हिम्मत है तो इस्तीफा देकर उपचुनाव लड़ें।
मयूख महर : झुमके वाला कह रहा है कि मुझे कांग्रेस के शासन में खनन पट्टे मिले। तब कांग्रेस का मुखिया खुलेआम वसूली करता था। मुझे किसी ने खनन पट्टा नहीं दिया, मैंने खरीदा था।
करन माहरा : मयूख खनन पट्टे खरीदने की बात कह रहे हैं। घूस देना और लेना दोनों ही जुर्म है। ऐसे में उन्हें खुद ही अपनी गलती स्वीकारते हुए जेल जाना चाहिए। पट्टा जिसने बेचा है, उसके नाम का खुलासा करें ताकि उसे भी जेल में भेजा जा सके।